दास्तान ए चुदाई (माँ बेटी बेटा और किरायेदार)

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Nitin
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Re: दास्तान ए चुदाई (माँ बेटी बेटा और किरायेदार)

Unread post by Nitin » 24 Jan 2018 23:31

शोभा ने दूसरी साड़ी पहन ली और बेड पर लेट गयी
शोभा: मन में) ये क्या हो गया मैने उसे रोका क्यों नही
यही सब सवाल उसके जेहन में घूम रहे थे शोभा बहुत परेशान थी थोड़ी देर में उसे नींद आ गयी दोपहर के 2 बज रहे थे बबलू नीचे अपने रूम में सोया हुआ था तभी डोर बेल बजी बबलू ने उठ कर गेट खोला तो सामने अमन और रेणु खड़े थे वो स्कूल से वापिस आए थे बबलू और रेणु की नज़रें आपस में टकरा गयी दोनो ने एक पल के लिए एक दूसरे को देखा फिर रेणु बिना कुछ बोले अंदर आ गयी और ऊपर चली गयी और अमन भी छत में ऊपर चला गया शोभा अभी भी सो रही थी रेणु ने जाकर अपनी माँ शोभा को उठाया
शोभा:एक झटके से उठ कर बैठ गयी

रेणु:क्या हुआ माँ डर क्यों गई

शोभा: नही कुछ नही कब आई तुम

रेणु:अभी आई

शोभा:जाओ ड्रेस चेंज कर लो और हाथ मुँह धो लो में खाना बनाती हूँ

अमन:क्या माँ अभी तक खाना नही बना मुझे बहुत भूक लगी है

शोभा:कोई बात नही में अभी 10 मिनट में बना देती हूँ

और शोभा उठ कर किचन में आ गयी और खाना बनाने लगी खाना बनाते हुए भी उसके दिमाग़ में सुबह की घटना का सारा मंज़र उसकी आँखों के सामने से गुजर जाता ना चाहते हुए भी शोभा चुदास से भरने लगी सुबह की ज़बरदस्त चुदाई ने उसकी चूत में फिर से पानी से भर दिया शोभा कई सालों बाद झड़ी थी यहाँ तक कि उसका पति भी जब तक वो जिंदा था 1 या दो बार उसे चर्म तक पहुँचा पाया था इतना मज़ा उसे चुदाई में जिंदगी में पहले कभी नही मिला था जैसे तैसे उसने खाना बनाया और खाना परोस दिया और एक थाली में खाना डाल कर नीचे आ गयी रेणु और अमन खाना खा रहे थे शोभा ने जैसे ही बबलू के रूम के डोर को हाथ लगाया वो थोड़ा सा खुल गया अंदर बबलू बेड पर लेटा हुआ था शोभा बेड के पास पड़े छोटे टेबल के पास आई और खाने की थाली टेबल पर रख दी बबलू भी बेड से नीचे उतर कर खड़ा हो गया

शोभा: खाना खा लो

शोभा ये कह कर वापिस मूड कर जाने लगी तो बबलू ने आगे बढ़ कर उसका हाथ पकड़ लिया

शोभा: मेरा हाथ छोड़ो
और शोभा अपना हाथ छुड़ाने लगी बबलू ने उसे कंधों से पकड़ कर दीवार के साथ सटा दिया

शोभा अपने आप को छुड़ाने की कॉसिश करते हुए) ये क्या कर रहे हो छोड़ो मुझे बच्चे घर पर हैं

पर बबलू ने उसके एक ना सुनी और उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिए और एक लंबा किस करने के बाद उसने शोभा को छोड़ दिया बाहर बारिश फिर से शुरू हो चुकी थी शोभा की साँसें तेज़ी से चल रही थी बबलू ने अपना शॉर्ट्स को नीचे कर दिया और उसका 8 इंच का लंड हवा में झटके खाने लगा शोभा ने अपना फेस दूसरी तरफ घुमा लिया बबलू ने आगे बढ़ कर शोभा के एक हाथ को पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया शोभा एक दम काँप गयी और झट से अपना हाथ पीछे खींच लिया


बबलू:साली अब नखरे कर रही है सुबह तो गान्ड पीछे मार-2 कर लंड ले रही थे चूत में चल पकड़ इसे
और बबलू ने फिर से उसके हाथ में अपना लंड पकड़ा दिया और अपने हाथ से शोभा के हाथ को हिलाने लगा थोड़ी देर बाद उसने शोभा का हाथ छोड़ दिया शोभा मन में सोच रही थी कितना बड़ा लंड है इसका इस उम्र में भी थोड़ी देर बाद उसने लंड छोड़ दिया और बिना कुछ बोले ऊपर चली गयी जब शोभा ने बबलू का लंड थाम रखा था तो उसका दिल कर रहा था कि वो इसे पकड़े रखे और खूब अच्छी तरह से सहलाए पर बच्चे घर पर थी इसले वो ऊपर आ गयी ऊपर आकर शोभा ने खाना खाया और बर्तन सॉफ करके ऊपर छत पर चली आई ऊपर आकर उसने देखा अभी भी हल्की बूँदा बाँदी हो रही थी इसलिए वो नीचे आ गयी रेणु और अमर सोने की तैयारी कर रहे थे रेणु और अमर एक कमरे में सोते थे और शोभा का रूम अलग था रात के 11 बज रहे थे घर में सन्नाटा पसरा हुआ था रेणु और अमन सो चुके थे लेकिन शोभा अपने रूम में लेटी हुई थी उसे नींद नही आ रही थे बबलू ने उसके अंदर हवस की आग भड़का दी थी शोभा के रूम में 0 वॉट का बल्ब जल रहा था


उसका डोर खुला था तभी शोभा को कदमों की आहट आती सुनाई दी जब वो सख्स शोभा के डोर के सामने आया तो वो बबलू था शोभा का दिल जोरों से धड़कने लगा वो मन में सोचने लगी अब में करूँ अगर वो अंदर आ गया तो मुझे डोर बंद कर देना चाहिए पर ना चाहते हुए भी वो उठ ना पाई और ऐसे ही लेटी रही बबलू बिना आवाज़ किए उसके रूम में आ गया बबलू 0 वॉट के बल्ब के रोशनी में शोभा को बिल्कुल सॉफ देख पा रहा था बबलू ने सिर्फ़ एक शॉर्ट्स पहन रखा था वो शोभा के बेड के पास आकर खड़ा हो गया शोभा एक टक उसे देख रही थी बबलू ने एक झटके से अपना शॉर्ट्स खींच कर नीचे कर दिया और उसका लोहे की रोड जैसे तना हुआ लंड लेटी हुई शोभा के एक दम सामने था शोभा एक दम से डर गयी उसे डर था कि कहीं रेणु या अमन देख ना ले और ना ही वो बबलू को कुछ कह पाई शोभा जल्दी से बेड से उठ कर खड़ी हो गयी और डोर की तरफ गयी और डोर लॉक कर दिया


डोर लॉक करने के बाद जैसे ही शोभा मूडी तो उसने देखा बबलू बेड पर लेटा हुआ था और अपने हाथ से अपने लंड की चमड़ी को सुपाडे के आगे पीछे कर रहा था शोभा पहले से हवस की आग में जल रही थी शोभा डोर लॉक करके सीधा बेड के पास आकर खड़ी हो गयी बबलू ने शोभा का हाथ पकड़ कर उसे खींच कर बेड पर बैठा दिया और उसका हाथ अपने लंड पर रख दिया शोभा ने काँपते हुए हाथ बबलू के लंड पर कस गये वो बबलू के लंड को धीरे-2 सहलाने लगी बबलू ने अपना हाथ शोभा के हाथ से हटा कर उसकी लेफ्ट चुचि पर रख दिया और उसे मसलने लगा शोभा धीरे-2 गरम होने लगी शोभा एक दम से खड़ी हो गयी और तेज़ी से अपने ब्लाउस के हुक्स खोल कर ब्लाउस को निकाल कर फेंक दिया बबलू पहली बार शोभा की बड़ी-2 चुचियों को सामने से देख रहा था जिसे देख उसका लंड एक दम से तन गया ब्लाउस को फेंकने के बाद शोभा ने पेटिकोट को नाडा खींच कर पेटिकोट खोल दिया पेटिकोट नीचे सरक कर फर्श पर गिर गया बबलू से अब बर्दास्त करना मुस्किल हो रहा था बबलू बेड से खड़ा हुआ और शोभा को बाहों में भर लिया और उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिए

जवाब में शोभा ने भी अपने होंठो को खोल कर ढीला छोड़ दिया बबलू ने जी भर के शोभा के होंठो के रस को चूसा बबलू का एक हाथ शोभा की चुचियों को बारी-2 मसल रहा था

शोभा: अह्ह्ह्ह उंह जल्दी करो रेणु उठ ना जाए

बबलू ने शोभा को बेड पर सीधा लेटा दिया और खुद उसकी टाँगों को फैला कर उसकी जाँघो के बीच में बैठ गया बबलू ने झुक कर शोभा के एक निपल को मुँह में ले लिया और उसे चूसने लगा

शोभा: (अहह उंहस सीईईईईईईईई अहह करने लगी शोभा ने दोनो हाथों से बेडशीट के कस के पकड़ लिया

बबलू एक हाथ से शोभा की चुचि मसल रहा था और दूसरी चुचि को पागलों की तरह चूस रहा था शोभा की चूत एक दम गीली हो चुकी थी बबलू ने उसके निपल को मुँह से निकाला और दूसरे निपल को मोहन में भर कर चूसने लगा शोभा पूरी तरह गरम हो चुकी थी उसे बर्दास्त करना मुस्किल हो रहा था

शोभा:अहह जल्दी करो उम्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

बबलू ने अपना एक हाथ नीचे लेजा कर अपने लंड को पकड़ कर शोभा की चूत के छेद पर लगा दिया और आगे की तरफ धक्का दिया आधा लंड चूत की फांकों को फैलाता हुआ अंदर घुस गया शोभा की सुलगती हुई चूत को जैसे बबलू के लंड का इंतजार था शोभा की कमर अपने आप ही ऊपर की तरफ उचक गयी शोभा की गान्ड ने एक और झटका खाया लंड सीधा बच्चेदानी से जा टकराया

शोभा:अहह रीईईईई जालिम उम्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

शोभा को इस्कदर गर्म देख बबलू ने लंड को अंदर बाहर करना चालू कर दिया फतच-2 की आवाज़ पूरे कमरे में गूंजने लगी शोभा पूरी तरह मस्त हो चुकी थी जैसे बबलू लंड बाहर करता शोभा अपनी गान्ड को उछाल कर बबलू के लंड पर पटकती फतच की आवाज़ से लंड फिर अंदर चला जाता शोभा के हाथ बबलू की पीठ पर कस गये थे और टाँगें उठ कर बबलू की कमर के इरद गिर्द कस ली थी दोनो एक दूसरे से चिपके हुए थे बबलू शोभा के होंठो को चूस रहा था और शोभा अपना मुँह खोल बबलू का पूरा साथ दे रही थी शोभा की चूत से पानी बह कर उसकी गान्ड के छेद तक आ गया था शोभा झड़ने के बहुत करीब थी शोभा के हाथ बबलू की पीठ पर और तेज़ी से घूमने लगे बबलू समझ चुका था कि शोभा झड़ने वाली है इसलिए बबलू ने अपने धक्को की तेज़ी और ज़ोर से लगाने लगा शोभा भी पूरी ताक़त से ऊपर की तरफ अपनी चूत को लंड पे पटकने लगी

शोभा: अहह ओह अहह सीईईईईईईईईईईईई उम्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
और शोभा का बदन ढीला पड़ गया वो झड चुकी थी और साथ ही बबलू के लंड से गर्म पानी की फ़ुआर शोभा की चूत के अंदर निकलने लगी दोनो ने एक दूसरे को देखा शोभा ने अपनी आँखें बंद कर ली बबलू ने शोभा के होंठो को फिर से चूसा और लंड निकाल कर खड़ा हो गया बबलू ने अपना शॉर्ट्स पहना और मूड कर जाने लगा

शोभा: बेड से खड़ी उतर कर) देखो बबलू आगे से जब बच्चे घर पर हो ऐसे हरकत ना करना

बबलू: मुस्कराते हुए) ठीक है मेरी जान

और बबलू डोर खोल कर निकल गया और नीचे रूम में आ गया

अगली सुबह शोभा का चेहरा खिला हुआ था जब चारों बैठ कर नाश्ता कर रहे तो शोभा ने बबलू से कहा
शोभा: बबलू एक काम कर दोगे

बबलू: जी बोलिए

शोभा: कल से इनकी (रेणु और अमन) के स्कूल वाली जो स्कूल बस थी वो बंद कर रहे हैं क्या तुम कल से काम पर जाते वक़्त इनको स्कूल छोड़ दिया करोगे इनका स्कूल स्टेशन के नज़दीक ही है

बबलू: ठीक में इनको छोड़ दिया करूँगा

और फिर नाश्ता करने के बाद बबलू नीचे आ गया और अपने रूम में आकर तैयार होने लगा अमन और रेणु स्कूल के लिए निकल गये उनके जाते ही बबलू ने मोका देख कर गेट बंद कर दिया अभी सुबह 7:30 ही बजे थे गेट बंद करके ऊपर आ गया शोभा किचन में बर्तन सॉफ कर रही थी बबलू ने पीछे जाकर शोभा को बाहों में जकड लिया शोभा एक दम घबरा गयी
शोभा: कॉन अहह तुम हो तुम्हें काम पर नही जाना है

बबलू:जाना हैं मेरी जान अभी टाइम है

बबलू ने शोभा की चुचियों को ब्लाउस के ऊपर से मसल दिया

शोभा:अह्ह्ह्ह्ह क्या कर रहे हो तुम बाहर जाकर बैठो में अभी आती हूँ

बबलू: जल्दी करना मेरे पास टाइम कम है

बबलू बाहर हाल में आकर सोफे पर बैठ गया और पेंट खोल कर घुटनो के नीचे सरका दी शोभा ने जल्दी से बर्तन सॉफ किए और बाहर हाल में आ गयी सामने बबलू सोफे पर बैठा अपने लंड को सहला रहा था शोभा ने अपनी नज़रें नीचे कर ली

बबलू:जल्दी कर आ ना

शोभा बबलू के पास आई और उसने अपना पेटिकोट को अपनी कमर तक उठा लिया शोभा की झान्टो भरी चूत बबलू के सामने थी शोभा सोफे पर बबलू की दोनो जाँघो के साइड में पंजो के बल बैठ गयी उसने एक हाथ बबलू के कंधें पर रखा और एक हाथ से बबलू के लंड को पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर टिका दिया और धीरे उसपर बैठने लगी बबलू ने भी बिना देर किए ऊपर की तरफ धक्का मारा लंड चूत में समाता चला गया

शोभा: हाई रीईए जालिम बड़ी बेदर्दी से चोदता है तू अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

और ये कह कर शोभा अपनी चूत बबलू के लंड पर पटकने लगी शोभा की गान्ड ऊपर नीचे हो रही थी करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद दोनो झड गये उसके बाद बबलू तैयार हुआ और अपने काम के लिए निकल पड़ा जब रात को वापिस आया तो गर्मी की वजह से सब को ऊपर सोना पड़ा उस रात कुछ ख़ास नही हुआ अगले दिन सुबह बबलू को रेणु और अमन को साथ में स्कूल के लिए लेकर जाना था नाश्ता करने के बाद बबलू नीचे अपने रूम में आकर तैयार होने लगा थोड़ी देर बाद अमन बबलू के कमरे में आया
अमन:भैया हम तैयार हैं चलें

बबलू- हां चलो

जब बबलू रूम से बाहर आया तो रेणु नीचे आ रही थी उसने स्काइ ब्लू कलर की कमीज़ और वाइट सलवार की यूनिफॉर्म पहनी हुई थी रेणु अपने माँ से उलट रंग की गोरी थी उसके गालों के लाली पर बहुत से लड़के फिदा थे दोनो ने एक दूसरे को देखा रेणु थोड़ा सा शर्मा गयी क्योंकि बबलू की नज़र रेणु के हर अंग का जायज़ा ले रही थी उसने नज़रें नीचे कर ली तभी शोभा भी नीचे आ गयी

शोभा:देखो ध्यान से जाना कोई शरारत ना करना

अमन; ओके मम्मी बाइ
और तीनो घर से निकल पड़े गली से बाहर आकर वो रोड पर बस स्टॉप पर खड़े हो गये 5 मिनट इंतजार करने के बाद बस आ गयी तीनो बस में चढ़ गये बस में पहले से बहुत भीड़ थी बस चल पड़ी बस काफ़ी लोग खड़े होकर सफ़र कर रहे थे खैर किसी तरह तीनो बस में खड़े हो गये सबसे आगे अमन खड़ा था उसके पीछे रेणु खड़ी थी और उसके पीछे अमन तीनो एक दूसरे से चिपके हुए थे

बबलू:लाओ ये बॅग मुझे दे दो

रेणु ने पीछे मूड कर देखा और बिना कुछ बोले अपना स्कूल बॅग बबलू को पकड़ा दिया अब बबलू रेणु के पीछे खड़ा था उसकी चेस्ट रेणु की पीठ से सटी हुई थी रेणु थोड़ा अनकमफर्टबल महसूस कर रही थी अगले स्टॉप पर कुछ लोग और बस में चढ़ गये जिसकी वजह से रेणु बबलू से और सट गयी रेणु के बदन की गर्मी महसूस करते ही बबलू के लंड में हलचल होने लगी उसके बदन से उठती मादक खुसबू उसे पागल बनाने लगी और उसका लंड पेंट में तन गया और उसकी गान्ड के एक साइड पर रगड़ खाने लगा रेणु को भी बबलू के बदन का अहसास हो रहा था जैसे ही उसे अपनी गान्ड पर बबलू के लंड का अहसास हुआ वो एक दम काँप गयी वो बड़ी मुस्किल से अपने फेस के एक्सप्रेशन को कंट्रोल कर पा रही थी

धीरे-2 बबलू का लंड रेणु की गान्ड की दर्रार में धँस गया रेणु का जिस्म कँपने लगा उसने आगे खड़े अमन के कंधो पर हाथ रख दिए उसकी साँसें तेज़ी से चलने लगी दिल जोरो से धड़कने लगा जब बस हिलती तो बबलू का लंड उसकी गान्ड की दरार में रगड़ खा जाता रेणु के पाँव में जैसे जान ही ना रही हो बबलू का लंड उसकी गान्ड के छेद पर सलवार और पेंटी के ऊपर से दस्तक दे रहा था रेणु गरम होने लगी थी बबलू तो जैसे जन्नत में था उसने लोगो की नज़रों से बचा कर अपना एक हाथ उसकी जाँघ के साइड पर रख दिया जहाँ से कमर शुरू होती हैं रेणु के अंदर वासना की लहर दौड़ गयी बबलू ने हाथ हटा कर अपनी पेंट की जेब में डाल लिया और जेब के अंदर से अपने लंड को पकड़ कर धीरे-2 रेणु की गान्ड की दर्रार में रगड़ने लगा रेणु की आँखें बंद होने लगी उसकी चूत से पानी आने लगा फिर बबलू ने हाथ को जेब से बाहर निकाल लिया और लोगो को नज़र से बचाते हुए अपने हाथ को धीरे से रेणु की कमीज़ के पल्ले के नीचे से उसकी गान्ड पर रख दिया और धीरे-2 सहलाने लगा


Shobha ne doosree saadee pehan lee aur bed par let gayee
shobha: man mein) ye kiya ho gaya maine use roka kyon nahi
yahi sab sawal uske jehan mein ghoom rahe the shobha bahut pareshan thee thodi der mein use neend aa gayee dopahar ke 2 baj rahe the bablu neeche apne room mein soya hua tha tabhi door bell baji bablu ne uth kar gate khola to samane aman aur Renu khade the wo school se wapis aye the bablu aur Renu ke nazren aapas mein takra gayee dono ne ek pal ke liye ek doosre ko dekha phir Renu bina kuch bole andar aa gayee aur oopar chali gayee aur aman bhee chat mein oopar chala gaya shobha abhee bhee so rahi the Renu ne jakar apni maa shobha ko uthaayaa
shobha:ek jhatke se uth kar baith gayee
Renu:kya hua maam dar kyon gai
shobha: nahi kuch nahi kab aye tum
Renu:abhee aye
shobha:jao dress change kar lo aur hath munh dho lo mein khana banati hun
aman:kya maam abhee tak khana nahi bana mujhe bahut bhook lagi hai
shobha:koi baat nahi mein abhee 10 minat mein bana deti hun
aur shobha uth kar kitchen mein aa gayee aur khana banane lagi khana banate hue bhee uske dimag mein subah ki ghatna ka sara manjar uski ankhon ke samane se gujar jata na chathe hue bhee shobha chudass se bharne lagi subah ke jabrdast chudai ne uski choot mein phir se pani se bhar diya Shobha kai saalon baad jhadi thee yahan tak ki uska pati bhee jab tak wo jinda tha 1 ya do baar use charm tak pahuncha paya tha itna maja use chudai mein jindgi mein pahle kabhi nahi mila tha jaise tasie usne khana banaya aur khana paros diya aur ek thali mein khana daal kar neeche aa gayee Renu aur aman khana kha rahe the shobha ne jaise hee bablu ke room ke door ko hath lagaya wo thoda sa khul gaya andar bablu bed par leta hua tha shobha bed ke pass pade chote table ke pass ayee aur khaane kee thali table par rakh dee bablu bhee bed se neeche utar kar khada ho gaya
shobha: khana kha lo
shobha ye kah kar wapis mud kar jane lagi to bablu ne age badh kar uska hath pakad liya

shobha: mera hath chodo
aur shobha apna hath chudane lagi bablu ne use kandhon se pakad kar diwar ke sath sata diya

shobha apne aap ko chudane kee kosish karte hue) ye kya kar rahe ho chodo mujhe bachhe ghar par hain

par bablu ne uske ek na suni aur uske hontho par apne honth rakh diye aur ek lamba kiss karne ke baad usne shobha ko chod diya bahar barish phir se shuru ho chuki thee shobha ki sansen teji se chal rahi thee bablu ne apna shorts ko neeche kar diya aur uska 8 inch ka lund hawa mein jhatke khane laga shobha ne apna face doosri taraf ghuma liya bablu ne age badh kar shobha ke ek hath ko pakad kar apne lund par rakh diya shobha ek dam kaanp gayee aur jhat se apna hath peeche kheench liya


bablu:saali ab nakhre kar rahi hai subah to gaanD peeche maar-2 kar lund le rahi the choot mein chal pakad ise
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shobha: ahhhh umhhhhhh jaldi karo Renu uth na jaye
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shobha:ahhhhhhhhhh reeeeeeeeee jalaim umhhhhhhhhhh
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shobha: ahhhhhhhhhh ohhhhhhhhhhh ahhhhhhhhhhhh siiiiiiiiiiiiii umhhhhhhhhhhhhh
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shobha: bed se khadi utar kar) dekho bablu aage se jab bachhe ghar par ho aise harkat na karna
bablu: muskrate hue) theek hai mere jaan
aur bablu door khol kar nikal gaya aur neeche room mein aa gaya

agli subah shobha ka chehra khila hua tha jab charon baith kar nasta kar rahe to shobha ne bablu se kaha
shobha: bablu ek kaam kar do gee
bablu: jee boliye
shobha: kal se inki (Renu aur aman) ke school wale jo school bus thee wo band kar rahe hain kiya tum kal se kaam par jate waqt inko school chod diya karogee inka school station ke nazdeek hee hai
bablu: theek mein inko chod diya karoonga
aur phir nasta karne ke baad bablu neeche aa gaya aur apne room mein aakar taiyaar hone laga aman aur Renu school ke liye nikal gaye unke jate hee bablu ne moka dekh kar gate band kar diya abhee subah 7:30 hee baje the gate band karke oopar aa gaya shobha kitchen mein bartan saaf kar rahi thee bablu ne peeche jakar shobha ko bahon mein jakad liya shobha ek dam ghabra gaye
shobha: kon ahhhhh tum ho tumhen kaam par nahi jana hai
bablu:jaana hain mere jaan abhee time hai
bablu ne shobha ke chuchiyon ko blouse ke oopar se masal diya
shobha:ahhhhh kiya kar rahe ho tum bahar jakar baitho mein abhee ati hun
bablu: jaldi karna mere pass time kam hai
bablu bahar haal mein aakar sofe par baith gaya aur pent khol kar ghutno ke neeche sarka dee shobha ne jaldi se bartan saaf kiye aur bahar haal mein aa gaye samane bablu sofe par baitha apne lund ko sahla raha tha shobha ne apni nazren neeche kar lee
bablu:jaldi kar aa na
shobha bablu ke pass aye aur usne apna peticote ko apni kamar tak utha liya shobha ke jhanton bhari choot bablu ke samane thee shobha sofe par bablu ke dono jaangho ke side mein panjo ke bal baith gaye usne ek hath bablu ke kandhen par rakha aur ek hath se bablu ke lund ko pakad kar apni choot ke ched par tika diya aur dheere uspar baithane lagi bablu ne bhee bina der kiye oopar ki taraf dhakka mara lund choot mein samta chala gaya
shobha: hai reeeee jalim badi bedardi se chodta hai tun ahhhhhhhhhh
aur ye kah kar shobha apni choot bablu ke lund par patken lagi shobha ke gaanD oopar neeche ho rahi thee kareeb 10 min ki chudai ke baad dono jhad gaye uske baad bablu taiyaar hua aur apne kaam ke liye nikal pada jab raat ko wapis aye to garmi ke wajah se sab ko oopar sona pada us raat kuch khaas nahi hua agle din subah bablu ko Renu aur aman ko sath mein school ke liye lekar jana tha nasta karne ke baad bablu neeche apne room mein aakar taiyaar hone laga thodi der baad aman bablu ke kamre mein aya
aman:bhaiya hum taiyaar hain chalen
bablu haan chalo
jab bablu room se bahar aya to Renu neeche aa rahi thee usne sky blue colour ke kameez aur white salwar ki uniform pehani hui thee Renu apne maa se ulat rang ki gori thee uske galon ke lali par bahut se ladake fida thee dono ne ek doosre ko dekha Renu thoda sa sarma gaye kyonki bablu ke nazar Renu ke har ang ka jayza le rahi thee usne nazren neeche kar lee tabhi shobha bhee neeche aa gaye
shobha:dekho dhyan se jana koi shrarat na karna
aman; ok mummy bye
aur teeno ghar se nikal pade gali se bahar aakar wo road par bus stop par khade ho gaye 5 min intjaar karne ke baad bus aa gaye teenu bus mein chadh gaye bus mein pahle se bahut bheed thee bus chal padi bus kafi log khade hokar safar kar rahe thee kahir kisi tarah teeno bus mein khade ho gaye sabse age aman khada tha uske peeche Renu khadi thee aur uske peeche aman teenu ek doosre se chipke hue thee
bablu:laye ye bag mujhe de do
Renu ne peeche mud kar dekha aur bina kuch bole apna school bag bablu ko pakada diya ab bablu Renu ke peeche khada tha uski chest Renu ke peeth se sati hui thee Renu thoda uncomfertable mahsoos kar rahi thee agle stop par kuch log aur bus mein chadh gayee jiskee wajah se Renu bablu se aur sat gayee Renu ke badan ke garmi mahsoos karte hee bablu ke lund mein halchal hone lagi uske badan se uthati madak khusboo use pagal banane lagi aur uska lund pent mein tan gaya aur uski gaanD ke ek side par ragad khane laga Renu ko bhee bablu ke badan ka ahasaas ho raha tha jaise hee use apni gaanD par bablu ke lund ka ahsaas hua wo ek dam kaanp gayee wo badi muskil se apne face ke expression ko control kar paa rahi thee dheere-2 bablu ka lund Renu ke gaanD ki daraar mein dhans gaya Renu ke jism kanpane laga usne age khade aman ke kandho par hath rakh diye uski sansen teji se chalane lagi dil joro se dhadakne laga jab bus hilti to bablu ka lund uski gaanD kee daraar mein ragad kha jata Renu ke paanv mein jaise jaan hee na rahi ho bablu ka lund uski gaanD ke ched par salwar aur painty ke oopar se dastak de raha tha Renu garam hone lagi thee bablu to jaise jannat mein tha usne logo ki nazron se bacha kar apna ek hath uski jhang ke side par rakh diya jahan se kamar shuru hoti hain Renu ke andar wasna ke lahar doud gayee bablu ne hath hata kar apni pent ke jeb mein daal liya aur jeb ke andar se apne lund ko pakad kar dheere-2 Renu ke gaanD ki daraar mein ragadne laga Renu ke ankhen band hone lagi uski choot se pani ane laga phir bablu ne hath ko jeb se bahar nikal liya aur logo ko nazar se bachte hue apne hath ko dheere se Renu ke kameez ke palle ke neeche se uski gaanD par rakh diya aur dheere-2 sahalaane laga

Nitin
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Re: दास्तान ए चुदाई (माँ बेटी बेटा और किरायेदार) hingilish

Unread post by Nitin » 24 Jan 2018 23:32

रेणु का पूरा बदन कांप ने लगा बबलू ने अपनी दो उंगलियों को रेणु की गान्ड में ड्ररार में रगड़ने लगा रेणु के मुँह से घुटि हुई आह निकल गयी बबलू की उंगलियाँ रेणु की गान्ड की दरार में ऊपर से नीचे तक का सफ़र तय कर रही थी रेणु बहुत गरम हो चुकी थी उसे पहले कभी किसी लड़के ने नही छुआ था धीरे –2 बबलू ने अपनी उंगलियों को रेणु की चूत की तरफ बढ़ाना शुरू कर दिया बबलू की उंगलियों और रेणु की गान्ड के बीच सिर्फ़ एक सलवार और पैंटी थी बबलू ने उंगलियों से उसकी चूत के छेद को सहलाने की कोशिश की पर पैंटी कसी हुई थी इतने में रेणु और अमन का स्कूल आ गया था इसलिए उनको नीचे उतरना पड़ा रेणु की नज़रें झुकी हुई थी उसका फेस एक दम लाल हो चुका था आँखों में वासना का नशा सॉफ झलक रहा था वो बिना नज़र मिलाए स्कूल में चली गयी और अपना बॅग क्लास में रख कर सीधा टाय्लेट में चली गयी

टाय्लेट के अंदर आते ही उसने अपनी सलवार का नाडा खोला और नीचे कर दी और फिर ब्लॅक कलर की टाइट पैंटी को नीचे कर के देखने लगी उसकी चूत में गाढ़ा लिसलिसा पानी बहकर उसकी पैंटी पर लगा हुआ था रेणु ने अपने साथ लाए टिश्यू पेपर से अपनी चूत को सॉफ किया और फिर पैंटी और सलवार पहन कर बाहर आ गयी रेणु का पूरा दिन क्लास में मन नही लगा रात को जब बबलू घर आया तो उस रात भी बबलू को शोभा को चोदने का मोका नही मिला रेणु भी बबलू से नज़रें नही मिला रही थी बबलू को समझ में नही आ रहा था कि आख़िर रेणु के दिल में क्या है अगले दिन जब तीनो नाश्ता करके स्कूल के लिए निकले तो इसबार बस में कल की तरह ही भीड़ थी रेणु कल की तरहा अमन के पीछे खड़ी थी और उसके पीछे बबलू खड़ा था धीरे-2 बस में भीड़ बढ़ने लगी बबलू एक बार फिर से रेणु के पीछे से उसके साथ सट गया


बबलू ने अपना हाथ नीचे किया और रेणु की कमीज़ के पल्ले के नीचे से डाल कर उसकी मखमली गाल्ड के ऊपर रख दिया जैसे ही बबलू का हाथ रेणु की गान्ड पर पड़ा रेणु के अंदर करेंट सा दौड़ गया एक झटका बबलू को भी लगा आज वो रेणु की गान्ड को और अच्छी तरह महसूस कर रहा था क्योंकि आज उसने सलवार के नीचे पैंटी नही पहनी हुई थी बस उसके हाथ और रेणु की नरम मुलायम गान्ड के बीच एक पतली सी वाइट कलर की सलवार थी रेणु को कल से ज़्यादा आज अपनी गान्ड पर बबलू की हथेलिया महसूस हो रही थी बबलू की तो जैसे लॉटरी निकल आई हो इस बार बबलू बिना देर किए अपनी उंगलियों को उसकी गान्ड दरार में रगड़ने लगा रेणु की साँसें भारी होनी लगी धीरे-2 गर्म होने लगी बबलू उंगलियों से गान्ड की दरार को रगड़ते हुए आगे चूत की तरफ बढ़ने लगा बबलू ने महसूस किया कि रेणु की जांघे पहले आपस में सटी हुई थी जो अब धीरे-2 खुलने लगी थी उनमे करीब 2 इंच का गॅप बन गया था उंगलियों को आगे बढ़ाते हुए वो सीधा रेणु की चूत पर पहुँच गया पतली सलवार के ऊपर से अपनी चूत पर बबलू की उंगलियों के पड़ते ही रेणु के जिस्म ने एक ज़ोर दार झटका लिया जिसे बबलू भी महसूस कर सकता था उसके पूरे बदन के रोंगटे खड़े हो गये रेणु के पूरा जिस्म में मस्ती की लहर दौड़ गयी उसकी साँसे तेज हो गयी उसने आगे खड़े अमन के कंधों को कस के पकड़ लिया अमन ने रेणु की तरफ देखा रेणु की आँखों में वासना के लाल डोरे तैर रहे थे जो अमन के लिए समझना नमुनकीन था


बबलू धीरे – 2 उसकी चूत की फांकों को रगड़ने लगा रेणु की मस्ती की कोई सीमा ना थी रेणु की कमर रह –2 कर तेज और हल्के झटके खा रही थी जिसे दूसरे खड़े लोग नही देख पा रही थी उसकी कुँवारी चूत से पानी निकल कर उसकी सलवार को गीला करने लगा लेकिन स्कूल आ चुका था मजबूरन तीनों को बस से उतरना पड़ा जब तीनो नीचे उतर आए तो बबलू ने अपनी उंगलियों को नाक के पास लाकर सूँगा जो रेणु सब देख रही थी रेणु ने ये सब देख अपनी नज़रे नीचे कर ली रेणु और अमन को स्कूल छोड़ने के बाद बबलू स्टेशन आ गया उसके दिमाग़ में बस घटना ही चल रही थी उसे समझ में नही आ रहा था कि किया रेणु ने आज जान बुझ कर पैंटी नही पहनी थी या ऐसे ही भूल गये या फिर कोई धूलि हुई पैंटी ना हो बस वो अभी इसी सोच विचार में था उसका मन काम में नही लग रहा था उसने अपने इंचार्ज से तबीयत का बहाना बना कर छुट्टी ले ली और रास्ते में आते हुए एक क़्वार्टर दारू पी ली


शोभा घर का काम ख़तम कर चुकी थी

आज शोभा को भी दो दिन हो चुके थे बबलू से चुदवाये हुए अभी वो नहाने की तैयारी कर रही थी शोभा ने टाइम देखा 10 बज चुके थे शोभा ने अपने धुले हुए कपड़े उठाए और बाथरूम की तरफ जाने लगी तभी डोर बेल बजी शोभा ने बाल्कनी में आकर देखा नीचे बबलू खड़ा था शोभा के चेहरे पर मुस्कान आ गयी वो तेज कदमों से चलती हुई नीचे आ गयी और गेट खोला
शोभा:क्या बात आज घर वापिस आ गयी

बबलू: अंदर आते हुए) बस काम में दिल नही लग रहा था

शोभा: ने गेट बंद कर दिया) क्यों क्या हुआ तुम्हारे दिल को

बबलू: बस इस दिल को तुम्हारी चूत ने दीवाना बना दिया है

शोभा: धात्त कैसी बाते करते हो
और शोभा ऊपर आने लगी बबलू भी शोभा के पीछे ऊपर आ गया ऊपर आते ही उसने शोभा को पीछे से बाहों में भर लिया शोभा बबलू की बाहों से निकलते हुए अपने रूम में आ गयी बबलू भी उसके पीछे रूम में आ गया शोभा बबलू की तरफ पलटी कमरे में खामोसी छाई हुई थी दोनो एक दूसरे से लिपट गये शोभा पागलों की तरह बबलू के होंठो को चूमने लगी दोनो ने एक दूसरे को बाहों में कस लिया

शोभा: अहह बबलू तुमने मुझे क्या कर दिया है में एक पल भी तुम्हारे बिना नही रह सकती

बबलू: (शोभा की चुचियों को मसलते हुए) क्यों मैने ऐसा लिया कर दिया है

शोभा : अहह तुमने मेरे अंदर आग लगा कर रखी है

बबलू ने शोभा के ब्लाउस के हुक्स खोलने शुरू कर दिए और एक –2 करके सारे हुक्स खोल दिए शोभा ने बिना देर किए ब्लाउस को बाहों से निकाल कर एक तरफ फेंक दिया बबलू शोभा से अलग हुआ और अपने कपड़े उतारने लगा शोभा ने भी अपना पेटिकोट निकाल कर फेंक दिया कुछ ही पलों में दोनो एक दूसरे के सामने नंगे खड़े थे शोभा की बड़ी –2 चुचियाँ साँस लेने से ऊपर नीचे हो रही थी बबलू ने शोभा को बेड पर धक्का दे दिया और खुद शोभा के ऊपर चढ़ गया पागलों की तरह उसकी चुचियों को मसलने लगा

शोभा: अह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह आराम सीईईईईई अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

बबलू शोभा की एक निपल को मुँह में लेकर चूसने लगा और दूसरे चुचि को मसलने लगा

शोभा :आ ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह्ह अहह उम्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह हाआअँ पीईए जऊऊओ इनका साआआराआ रस्स्सस्स ओह और मसलूऊऊओ अहह

बबलू ने शोभा की चुचि का जी भर कर रस्पान किया और धीरे नीचे आने लगा और शोभा की नाभी को चाटने लगा

शोभा: अहह उम्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह अहह बहुत मज़ा आ रहा है

शोभा के हाथ बबलू के बालों में खेल रहे थे बबलू ने शोभा की टाँगों को घुटनो से मोड़ दिया जिसे शोभा की चूत ऊपर की और हो गई बबलू शोभा के नाभि से होता हुआ नीचे आने लगा और उसकी चूत के छेद पर मुँह लगा दिया

शोभा: ओह मररर्र्र्र्ररर गीईईईईई माआआआआआअरीईईईई उंहहह सीईईईईईईईईईईईईईईईई ये किय्ाआआअ हााआआ नाहह उफफफफफफफफफफफ्फ़ अहह शोभा की गान्ड ऊपर की तरफ झटके खाने लगी शोभा अपने हाथों से बबलू के सर को अपनी चूत से दूर धकेलने लगी पर बबलू ने पूरी ताक़त से शोभा की चूत को चाट रहा था आख़िर हार कर शोभा ने अपने हाथों से तकिये को कस के पकड़ लिया और नोचने लगी बबलू ने शोभा की चूत के दाने को मुँह में ले लिया और चूसने लगा
शोभा:उफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ मत कार्रर्र्र्र्र्र्ररर में पागलल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल हूऊऊऊऊऊओ अहह उफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ सीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई माआआआआआ रीईईईईईईई उफफफफफफफफफफफ्फ़ बबलू सीधा हो गया और शोभा की बगल में लेट गया और शोभा की गर्दन के नीचे हाथ डाल के बैठा दिया और अपने लंड पर उसके सर को झुकाने लगा शोभा को समझते देर नही लगी कि बबलू क्या चाहता है जब शोभा का पति जिंदा था था तब शोभा ने कई बार अपने पति का लंड चूसा था पर बेमन से और ना ही उसके पति ने उसकी चूत को चाटा था आज से पहली बार सुधा की चूत को किसी ने चाटा था शोभा ने बिना एक पल देर किए बबलू के लंड के सुपाडे को मुँह में ले लिया और चूसने लगी बबलू ने शोभा के बालों को पकड़ लिया शोभा बबलू के लिए कुछ भी करने को तैयार थी धीरे-2 शोभा की जीभ बबलू के लंड पर अपना कमाल दिखाने लगी अब शोभा बबलू का आधा लंड मुँह में अंदर बाहर कर रही थी बबलू ने शोभा के बालों को पकड़ कर ऊपर किया बबलू का लंड शोभा के मुँह से बाहर आ गया शोभा बबलू की तरफ देखने लगी उसकी आँखों में मदहोशी भरी हुई थी बबलू ने शोभा को सीधा लेटा दिया और उसकी टाँगों को घुटनो से मोड़ दिया और अपने लंड के सुपाडे को शोभा की चूत के छेद पर टिका दिया और कमर को पकड़ कर पूरी ताक़त से ज़ोर दार धक्का मारा लंड चूत की दीवारों को फैलाता हुआ पूरा अंदर घुस गया

शोभा; हइईईईईईईईई मारीईईईई रीईईईईईईईई उफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ धीरीईई फद्द्द्द्द्द्द्दद्ड डाली उफफफफफफ्फ़

पर बबलू पर इसका कोई असर नही हुआ बबलू ने अपना आधे से ज़्यादा लंड बाहर निकाला और फिर से ज़ोर से एक ही झटके में पूरा लंड थॅप की आवाज़ करता हुआ शोभा की चूत में घुस गया

शोभा; उफफफ्फ़ क्या कर रहे हो में कहीं भागी जा रही हूँ तूऊऊ
इससे पहले कि शोभा आगे बोल पाती बबलू ने फिर से एक ज़ोर धार धक्का मारा शोभा अंदर तक हिल गयी इसके बाद बबलू ने बिना रुके ताबड तोड़ धक्के लगाने शुरू कर दिए धक्के इतने ज़बरदस्त थे कि शोभा ऊपर नीचे हिलने लगी उसकी बड़ी-2 चुचियाँ ऊपर नीचे हिल रही थी वो अहह ओह उफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ सीईईईईईईईईईईईईईई कर रही थी करीब 5 मिनट की जबरदस्त की चुदाई से शोभा झड गयी उसकी चूत में पानी की धार बह निकली लेकिन बबलू अभी नही झडा था उसने शोभा की चूत से लंड निकाला जो कि पूरी तरह शोभा के काम रस से भीगा हुआ था

बबलू:चल उल्टी हो कर कुतिया बन जा

शोभा बेचारी बबलू के लंड की दीवानी हो चुकी थी और बिना कुछ बोले घुटनो और हाथों के बल उल्टी हो गयी बबलू शोभा के पीछे आ गया शोभा ने पीछे से अपनी गान्ड ऊपर कर दी बबलू ने एक हाथ से अपना लंड पकड़ कर उसकी चूत के छेद पर टिका दिया और बिना देर किए एक झटकेके साथ पूरा का पूरा लंड चूत में पेल दिया बबलू ने शोभा के खुले हुए बालों को एक हाथ से पकड़ लिया और धना धन धक्के लगाने लगा एक बार फिर फतच-2 थॅप-2 की आवाज़ पूरे कमरे में गूंजने लगी बबलू के लंड का सुपाडा सीधे शोभा की बच्चेदानी पर टकरा रहा था पूरे रूम में शोभा की कामुक सिसकारियाँ गूँज रही थी शोभा अहह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह कर रही थी

शोभा:अहह ओह लगताा हाईईईईईई आज्ज्जज्ज्ज्ज्ज तुम मेरी चूत को सूजा डालोगे ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह मररर्र्ररर गाईईईई

शोभा की आज तक इतनी ज़बरदस्त चुदाई नही हुई थी करीब 6-7 मिनट बाद शोभा दूसरी बार झड गयी थी लेकिन बबलू अभी भी शोभा को बिना रुके चोदे जा रहा था शोभा दो बार झड चुकी थी उसे बहुत तेज पेशाब लगी थी

शोभा: अहह ओझहह मुझीई पेशाब्ब्ब्बबब जाना है रूको

लेकिन बबलू रुकने का नाम नही ले रहा था शोभा आगे की तरफ हो गयी बबलू का लंड पुतछ की आवाज़से बाहर आ गया शोभा जल्दी से बेड उतर कर बातरूम की तरफ जाने लगी अभी वो बाथरूम के डोर की दलहीज़ को भी पार नही कर पाई थी कि बबलू ने शोभा को पीछे से पकड़ लिया और थोड़ा सा नीचे झुक कर पीछे से शोभा की चूत में लंड घुसा दिया और आगे हाथ लेजा कर शोभा की चुचियों को पकड़ कर धक्के लगाने लगा

शोभा: अहह क्या कर रहीईईईई हो पेशाब तो कारणेनंनननननननणणन् अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

बबलू के धक्के इतने ज़बरदस्त थे कि थोड़ी देर बाद शोभा और बबलू बाथरूम के अंदर की सामने वाली दीवार के पास पहुँच गये शोभा ने अपने हाथ दीवार से टिका दिए और आगे पंजो के बल खड़ी हो गयी बबलू ने शोभा की कमर को कस के पकड़ लिया और तेज़ी से धक्के लगाने लगा

शोभा: ओह ओह मुझे बहुत तीईईईज्ज्ज्ज्ज्ज पेशाब्ब्ब्ब कारणेनंनणणन् दूओ

बबलू:मेरी जान अहह ऐसी हीईए मूत ले में भी तुम्हारे मूतने की आवाज़ सुनू
इस दरमिया शोभा तीसरी बार झड चुकी थी वो एक दम बहाल हो गयी और उसने वहीं खड़े -2 मूतना चालू कर दिया नीचे शोभा की चूत में अभी भी बबलू का लंड अंदर बाहर हो रहा था बबलू ने एक कस के धक्का मारा और अपना सारा पानी उसकी चूत में निकाल दिया शोभा अभी भी मूत रही थी जब शोभा का मूतना ख़तम हुआ तो बबलू का लंड सुकड कर बाहर आ गया शोभा ने राहत के साँस ली शोभा ने अपनी जाँघो को फैला कर देखा उसकी काली झांटेँ एक दम भीगी पड़ी थी शोभा ने पानी से पहले अपनी चूत और टाँगों को सॉफ किया और उसके बाद बबलू के लंड और जाँघो को सॉफ किया बबलू बाहर आकर बॅड पर लेट गया थोड़ी देर बाद शोभा अपनी मोटी गान्ड मटकाती हुई बाहर आई उसकी हाथ में टवल था उसने बड़े प्यार से बबलू के सुकड़े हुए लंड को पोन्छा फिर उसकी बगल में लेट गयी दोनो काफ़ी थक गये थे



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aaj shobha ko bhee do din ho chuke the bablu se chudwaye hue abhee wo nahane ki taiyaari kar rahi thee shobha ne time dekha 10 baj chuke the shobha ne apne dhule hue kapde uthae aur bathroom ke taraf jane lagi tabhi door bell baji shobha ne balcony mein aakar dekha neeche bablu khada tha shobha ke cheare par mukan aa gaye wo tej kadmon se chalti hui neeche aa gaye aur gate khola
shobha:kiya baat aaj ghar wapis aa gaye
bablu: andar ate hue) bus kaam mein dil nahi lag raha tha
shobha: ne gate band kar diya) kyon kiya hua tumhare dil ko
bablu: bus is dil ko tumhari choot ne diwana bana diya hai
shobha: dhaat kaise bate karti ho
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shobha: ahhhhh bablu tumne mujhe kiya kar diya hai mein ek pal bhee tumhare bina nahi rah sakti
bablu: (shobha ki chuchiyon ko maslte hue) kyon maine aisa liya kar diya hai
shobha : ahhhhhhhhh tumne mere andar aag laga kar rakhi hai
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shobha: ahhhhh ohhhhhh aram seeeeeeeeeeee ahhhhhhhhhhh
bablu ne shobha ki ek nipple ko munh mein lekar chusne laga aur doosre chuchi ko maslane laga
shobha :a hhhhhhhhh ahhhhh ahhh umhhhhhhhhh haaaaan peeeee jaooooooo inka saaaaaaraaaa rasssss ohhhhhhhhhhhh aur maslooooooo ahhhhhhhhhhhhh
bablu ne shobha ke chuchi ko jee bhar kar raspaan kiya aur dheere neeeche ane laga aur shobha ki nabheee ko chatane laga
shobha: ahhhhhh umhhhhhhhhhhhhhhh ahhhhhhhhh bht maja aa raha hai
shobha ke hath bablu ke balon mein khel rahe thee bablu ne shobha ki tangon ko ghutno se mod diya jise shobha ki choot ooparki aur hogaye bablu shobha ke nabhi se hota hua neeche aane laga aur uski choot ke ched par munh lagadiya
shobha: ohhhhhhhhhhhhhhh marrrrrrrrr geeeeeeeeeeee maaaaaaaaaaaaareeeeeeeeeee umhhhhhhhhhhahhhhhhh siiiiiiiiiiiiiiiiii ye kiyaaaaaaa haaaaaaaa nahhhhhhhhhhhhh uffffffffffff ahhhhhhhhh shobha ke gaanD oopar ki taraf jhatke khane lagi shobha apne hathon se bablu ke sarko apne choot se door dhakkelane lagi par bablu ne poori takat se shobha ke choot ko chat raha tha akhir haar kar shobha ne apne hathon se takiye ko kas ke pakad liya aur nochane lagi bablu ne shobha ke choot ke dane ko munh mein le liya aur chusane laga
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shobha; hayeeeeeeeeeeeeeeeeeee mareeeeeeeeeee reeeeeeeeeeeeeeeeeee uffffffffffffffffffffffffffff dheereeeeeee phadddddddddd daali ufffffff
par bablu par iska koi assar nahi hua bablu ne apna adhe se jyada lund bahar nikala aur phir se jor se ek hee jhatake mein poora lund thaap ki awaz karta hua shobha ke choot mein ghus gaya
shobha; uffff kiya kar rahe ho mein kahin bhagi jaaaa
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bablu:chal ulti ho kar kutyaban ja
shobha bechari bablu ke lund ki dewani ho chuki thee aur bina kuch bole gutno aur hathon ke bal ulti ho gaye bablu shobha ke ppeche aa gaya shobha ne peeche se apni gaanD oopar kar dee bablu ne ek hath se apna lund pakad kar uski choot ke ched par tika diya aur bina der kiye ek jhatkke sath poora ka poora lund choot mein pel diya bablu ne shobha ke khule hue balon ko ek hath se pakad liya aur dhana dhan dhakke lagane laga ek baar phir fatch-2 thaap-2 ki awaz poore kamre mein gunjane lagi bablu ke lund ka supaaDaa seedhe shobha ke bachhedani par takra raha tha poore room mein shobha ki kamuk siskaryan gunj rahi thee shobha ahhhhhhhh ohhhhhhhhhhhh ohhhhhhhhhh kar rahi thee
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Re: दास्तान ए चुदाई (माँ बेटी बेटा और किरायेदार) hingilish

Nitin
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Re: दास्तान ए चुदाई (माँ बेटी बेटा और किरायेदार)

Unread post by Nitin » 24 Jan 2018 23:32

घड़ी पर 11 बज रहे थी रेणु और अमन स्कूल से 2 बजे वापिस आते थे उस दिन बबलू ने शोभा को 1बजे तक कई बार चोदा और शोभा ना जाने कितनी बार झड़ी घर का कोई कोना कोई हिस्सा नही बचा था जहाँ इन तीन चार घंटों मे बबलू ने शोभा को नही चोदा शोभा की चूत भी सूज गयी थी 2 बजे जब रेणु और अमन वापिस आए तो बबलू नीचे था उसने गेट खोला तो रेणु और अमन अंदर आ गये रेणु बबलू को घर पर देख कर थोड़ी हैरान ज़रूर हुई लेकिन सीधा ऊपर आ गयी शोभा ने किसी तरह दोपहर का खाना बना लिया था जब बबलू ऊपर आया तो चारों बैठ कर खाना खाने लगे तभी शोभा ने खाना खाते हुए रेणु और अमन को बताया कि आज उनके मासी यानी शोभा की बहन सीमा का फोन आया था उसके देवर की शादी सनडे को है उसने हमे इन्वाइट किया है पर लगता है कि मैं नही जा पाउन्गी बहुत से कपड़े सिलने वाले पड़े है

अमन: लेकिन माँ मुझे जाना है कितने महीने हो गये हम कहीं घूमने भी नही गये सारी सम्मर वकेशन भी घर पर ही बिता दी

अमन जिद्द करने लगा रेणु भी शोभा से बोली माँ हमें जाना है अब तो कई साल हो गये हमें एक भी शादी नही देखी है प्लीज़ माँ जाने दो ना हम अकेले चले जाएँगे

शोभा:ठीक है ठीक लेकिन अकेले नही अगर बबलू साथ में जाएगा तो मुझे भी परेशानी नही हो गी

अमन:ये ठीक रहेगा में बबलू भैया के साथ खूब मस्ती करूँगा

शोभा: क्यों बबलू तुम्हे कोई प्राब्लम तो नही

बबलू: (बेमन से) ठीक है में चला जाउन्गा

खाना खाने के बाद शोभा ने अपनी बेहन सीमा को फोन किया

शोभा: हेलो सीमा कैसी हो

सीमा:में ठीक हूँ तो दीदी कल तुम आ रही हो ना

शोभा:नही में नही आ पाउन्गी घर पर बहुत सा काम पड़ा है पर बच्चे आ रहे हैं

सीमा: क्या अकेले

शोभा:नही नही हमने नीचे का रूम एक लड़के को रेंट पर दे रखा है बहुत ही अच्छा लड़का है उसी के साथ आ रहे है तुम संभाल लेना

सीमा: ठीक है दीदी अगर तुम आती तो मुझे बहुत अच्छा लगता

शोभा: अच्छा में फोन रखती हूँ

उसके बाद शोभा ऊपर छत पर आ गयी रेणु और अमन अपना बॅग पॅक करने में लगे हुए थे दोनो बहुत खुश थे जब शोभा ऊपर आई तो बबलू पहले से ऊपर अपना बिस्तर लगा कर लेटा हुआ था शोभा बिना कुछ बोले बिस्तर लाने स्टोर रूम के अंदर चली गयी बबलू भी उसके पीछे आ गया बबलू ने शोभा को पीछे से पकड़ लिया

शोभा: छोड़ो क्या कर रहे हो बच्चे नीचे हैं अगर ऊपर आ गये तो

बबलू: तुमने मुझे क्यों जाने के लिए बोला उनके जाने के बाद हमारे पास रात को टाइम ही टाइम होता

शोभा: लेकिन बच्चे अकेले कैसे जाते और मुझे भी दो तीन दिन के रेस्ट चाहिए

बबलू : क्यों क्या हुआ मन भर गया

शोभा: तुम्हें नही पता तुमने तो मेरी चूत सूजा कर रख दी अब ठीक होने में थोड़ा टाइम तो चाहिए इसलिए तुम्हें वहाँ भेज रही हूँ

बबलू -पर तब तक में क्या करूँ मुझे बर्दास्त नही होता एक बार दे दो ना फिर में चला जाउन्गा

शोभा :नही बच्चे नीचे हैं

बबलू: (अपना लंड पयज़ामा नीचे करके बाहर निकाल लिया और शोभा के हाथ में पकड़ाते हुएबोला) देख ना कैसे खड़ा है अब तो इसका हल कर दे

शोभा ने बबलू के लंड को छोड़ कर स्टोररूम के डोर के पास आकर बाहर देखा फिर लाइट ऑफ करके स्टोर रूम की खिड़की को थोड़ा सा खोल दिया और बबलू को अपने पास बुलाया और खुद नीचे बैठ गयी और बबलू के लंड के सुपाडे को मुँह में भर ली और चूसने लगी शोभा का सर तेज़ी से बबलू के लंड पर आगे पीछे हो रहा था शोभा के जीभ का दबाव बबलू के लंड के सुपाडे पर बढ़ता जा रहा था बबलू ने शोभा के सर को दोनो हाथों से कस के पकड़ लिया और शोभा तेज़ी से बबलू का लंड मुँह के अंदर बाहर करने लगी 5 मिनट की चुसाइ के बाद बबलू के लंड ने पानी शोभा के मुँह में छोड़ दिया शोभा ने जल्दी से बाहर थूक दिया और साड़ी के पल्ले से अपना चेहरा सॉफ किया बबलू तो जैसे स्वर्ग की सैर कर वापिस आया था


फिर दोनो बाहर आ गये थोड़ी देर बाद रेणु और अमन भी ऊपर आ गये और सब लोग सो गये अगले सुबह नाश्ते के बाद बबलू अमन और रेणु जाने के तैयारी में जुट गये करीब 2 बजे तीनो बस स्टॅंड पर पहुँच गये और लखनऊ के लिए बस पकड़ ली सीमा का घर लखनऊ सिटी से थोड़ा बाहर था तीनो बस में बैठ गये अमन विंडो सीट की तरफ बैठा था उसके बाद रेणु और फिर बबलू बैठा हुआ था पूरे रास्ते में बबलू की जांघे रेणु की जाँघो से रगड़ खाती रही और कई बार बबलू की कोहनी रेणु की अन्छुई चुचियों से रगड़ खा गयी शाम के करीब 6 बजे रेणु अमन की मोसी के घर पहुँच गये सीमा रेणु और अमन को देख कर बहुत खुस हुई सीमा ने तीनो को अंदर ड्राइंग रूम में बैठा दिया घर में मेहमानो के काफ़ी भीड़ थी चाइ नाश्ते के बाद रेणु और अमन अपने रिश्तेदारो से मिलने और बातें करने में मशरूफ हो गये और बबलू एक कोने में चेयर पर बैठा सब देख रहा था रेणु और बबलू की नज़रें आपस में बार-2 टकरा रही थी रेणु के चेहरे पर हल्की मुस्कान आ जाती पर बबलू समझ नही पा रहा थे कि वो अपनी कज़िन से बात पर मुस्करा रही है या उसे देख कर बबलू अमन के पास गया
बबलू: अमन ज़रा बात सुनना

अमन : जी भैया

बबलू : में ज़रा बाहर घूम कर आता हूँ

अमन: जी ठीक है भैया

और बबलू घर से निकल पैदल चलता हुआ मार्केट में आ गया और ठेके से एक हाफ लेकर दारू पी ली जब बबलू घर वापिस आया तो रात के 9 बज रहे थे घर में लॅडीस संगीत चल रहा था सब लोग नाच गा रहे थे बबलू एक कोने में चेयर पर जाकर बैठ गया रेणु अपनी रिलेटिव्स के साथ नाच रही थी उसने महरून कलर का सलवार कमीज़ पहना हुआ था रेणु एक दम कयामत लग रही थी बबलू उसके गोरे रंग को देख कर पागल हुआ जा रहा था लेकिन बबलू का मन नही लग रहा था उसे नींद आने लगी उसने अमन को हाथ से इशारा किया अमन बबलू के पास आया और बोला जी भैया क्या बात है

बबलू: अमन मुझे नींद आ रही है

अमन: भैया आप रुकिये में मौसी को अभी कहता हूँ

और अमन अपनी मौसी सीमा के पास चला गया और अपनी मौसी को बताया थोड़ी देर बाद सीमा अमन के साथ एक ओर आ गये और अमन ने बबलू को इशारे से बुलाया बबलू उन्दोनो के पीछे चला गया सीमा अमन और बबलू को ऊपर के एक कमरे में ले गयी वो रूम शादी के समान से भरा पड़ा था वहाँ बहुत कम जगह थी सीमा ने दो गद्दो को नीचे ज़मीन पर बिछा दिया और बोली अमन तुम लोग यहीं सो जाना और अमन तुम मेरे साथ चलो में खाना देती हूँ तुम अपने भैया को ऊपर खाना दे जाना और अमन अपनी मौसी सीमा के साथ नीचे आ गया उसकी मौसी ने खाना डाल कर अमन को दे दिया अमन बबलू का खाना वहीं उसके रूम में दे आया बबलू ने तब तक कपड़े चेंज कर लिए थे और शॉर्ट्स और टी-शर्ट पहन कर खाना खाने लगा और खाना खाने के बाद वो लेट गया थका होने के कारण उसे नींद आ गयी नीचे नाच गाना चल रहा था देर रात बबलू को प्यास लगी उसकी नींद टूटी तो कमरे में अंधेरा छाया हुआ था बाहर से हल्की रोशनी अंदर आ रही थी


बबलू खड़ा हुआ और अंदाज़े से लाइट्स के बटन के पास पहुँच कर लाइट ऑन की जैसे ही लाइट ऑन हुई सबसे पहले उसकी नज़र दीवार पर लगी घड़ी पर पड़ी रात के 2 बज रहे थे पूरे घर में सन्नाटा पसराहुआ था बबलू ने बिस्तर की तरफ देखा तो वो एक दम हैरान रह गया उसके बगल में रेणु लेटी हुई थी और उसके आगे अमन लेटा हुआ था बबलू ने पानी पीया और एक बार फिर से रेणु को देखा उसके गोरे गालों पर बाल बिखरे हुए थे वो बहुत ही हसीन लग रही थी बबलू मन में सोचने लगा काश ये मुझ से पट जाए तो लाइफ बन जाए पर इसका कुछ पता नही चलता कि इसके मन में क्या है

बबलू लाइट ऑफ करके वहीं वापिस अपनी जगह लेट गया उसका लंड यही सोच कर खड़ा हो गया था कि उसकी बगल में रेणु लेटी हुई है बबलू सोचने लगा कि क्या रेणु जानबूझ कर उसकी तरफ सोई हुई थी अमन को उसने बीच में क्यों नही सुलाया क्या रेणु भी वही चाहती है जो में चाहता हूँ बबलू नेसोचा आज अच्छा मोका है अपना लक आज़माने का वो रेणु के करीब खिसक गया रेणु करवट केबल लेटी हुई थी उसकी पीठ बबलू की तरफ थी उसने वाइट कलर की शर्ट और पाजामा पहना हुआ था बबलू धीरे -2 उसकी ओर खिसकताचला गया आख़िर कार बबलू रेणु के साथ सट गया उसकी चेस्ट रेणु की पीठ से सट गयी और लंड रेणु के पयज़ामे के ऊपर से उसकी गान्ड के साथ सट गया थोड़ी देर बबलू बिना हिले पड़ा रहा फिर हिम्मत जुटा कर उसने अपना राइट हॅंड रेणु के कूल्हे पर रख दिया और धीरे -2 अपनी कमर हिलाने लगा बबलू का लंड रेणु की गान्ड के दरार में रगड़ खाने लगा बबलू उतेजना और डर के मारे काँप रहा था उसका लंड एक दम तन चुका था

उसने धीरे -2 अपना हाथ ऊपर लेजाना चालू कर दिया उसने अपना हाथ रेणु की टी-शर्ट के अंदर करके ऊपर करना चालू कर दिया जैसे ही बबलू का हाथ रेणु की नंगी कमर पर पड़ा रेणु की साँसें भारी हो गयी उसकी साँसें अब बबलू को सॉफ सुनाई दे रही थी धीरे-2 बबलू का हाथ रेंगता हुआ ऊपर की तरफ बढ़ने लगा रेणु करवट के बल लेटी हुई थी उसकी एक बाजू कोहनी तक उसकी बगल के ऊपर थी


जैसे ही बबलू टी-शर्ट के अंदर से अपना हाथ ऊपर की ओर कर रहा था तब रेणु के बाजू बगल के ऊपर होने के कारण उसका हाथ वहीं रुक गया जैसे ही बबलू ने थोड़ा सा हाथ और आगे किया तभी रेणु का बाजू हल्का सा ऊपर हो गया जैसे रेणु खुद बबलू के हाथ को आगे बढ़ने की जगह दे रही हो बबलू सोच में पड़ गया क्या रेणु जाग रही है अब जो होगा देखा जाएगा धीरे-2 बबलू का हाथ रेणु की कमर और मखमली पेट से ऊपर की ओर चुचियों की ओर बढ़ रहा था रेणु की साँसें इस बात की गवाही दे रही थी कि वो जागी हुई है आख़िर कार बबलू का हाथ रेणु की नरम मुलायम राइट चुचि तक पहुँच गया और उसकी उंगलियाँ रेणु के ब्रा के नीचले हिस्से से टकरा गयी बबलू ने सारी हिम्मत जुटा कर अपना हाथ उसकी चुचि पर रख दिया और थोड़ी देर बाद धीरे-2 बबलू रेणु की चुचि को ब्रा के ऊपर से दबाने लगा जैसे ही बबलू ने रेणु की चुचि को सहलाना शुरू किया रेणु की पीठ बबलू की ओर झुकने लगी उसके मुँह से घुटि हुई अहह निकल गयी बबलू ने अपना हाथ थोड़ा नीचे किया और ब्रा के कप्स को ऊपर उठाने की कोशिश करने लगा पर ब्रा बहुत टाइट थी वो ब्रा के कप्स को ऊपर उठा कर रेणु की चुचि को बाहर निकालना चाहता था फिर उसने अपने हाथ टी-शर्ट के अंदर से ही रेणु की पीठ पर ले आया और ब्रा की हुक्स खोलने की कोशिश करने लगा पर वो ब्रा के हुक्स भी खोल नही पा रहा था तभी अचानक अमन के खांसने की आवाज़ आई बबलू ने जल्दी से हाथ बाहर निकाले और सीधा लेट गया कमरे में अंधेरा था करीब 10मिनट गुजर गये कोई हरकत या हलचल नही हुई बबलू फिर से रेणु की तरफ करवट बदल कर लेट गया बाहर से आती हल्की रोशनी से बबलू ने गॉर से रेणु की तरफ देखा वो सीधी पीठ के बल लेटी हुई थी बबलू रेणु के बिल्कुल पास लेटा हुआ था उसने अपना हाथ धीरे से रेणु के पेट पर रख दिया रेणु की टीशर्ट नाभि से थोड़ा ऊपर तक उठी हुई थी बबलू ने फिर से टीशर्ट के नीचे से अपना हाथ घुसा दिया और उसकी चुचियों की तरफ बढ़ने लगा जैसे ही उसके हाथ उसकी चुचि से टकराए उसे महसूस हुआ कि उसकी ब्रा ढीली हो गयी है बबलू ने ब्रा के नीचे अपना हाथ आगे बढ़ा दिया


ब्रा के कप्स एक दम ऊपर उठ गये और रेणु की अन्छुई चुचियों में से एक पर बबलू की हथेली थी बबलू धीरे-2 रेणु की चुचि पर अपना हथेली रगड़ने लगा उसकी चुचि के निपल पर बबलू की हथेली रगड़ खा रही थी रेणु के बदन में कंपन सॉफ महसूस किया जा सकता था बबलू ने राइट चुचि को सहलाने के बाद लेफ्ट चुचि को सहलाना शुरू कर दिया रेणु ने एक दम से बबलू के हाथ के ऊपर अपना हाथ रख दिया लेकिन बबलू ने अपना हाथ हटाया नही और वो रेणु की चुचि को सहलाता रहा तभी अचानक फिर से अमन के खांसने की आवाज़ से बबलू डर गया और अपना हाथ रेणु की टीशर्ट से निकाल दिया अमन उठ कर बैठ गया और दीदी -2 पुकारने लगा थोड़ी देर बाद रेणु ने जवाब दिया

रेणु: क्या है अमन सो जा

अमन: मुझे नीचे नींद नही आ रही है देखो ना ये गद्दा कितनी पतला है

रेणु ने उठ कर लाइट ऑन की बबलू अपनी आँखें बंद किए लेटा हुआ था

अमन: मुझे नींद नही आ रही दीदी

रेणु: तो फिर अब रात को में क्या करूँ

अभी बाहर कुछ चहल पहल थी रेणु की मौसी सीमा ने डोर नॉक किया रेणु ने डोर खोला तो सीमा ने पूछा क्या हुआ कोई प्राब्लम तो नही है

अमन:मुझे यहाँ नीचे नींद नही आ रही मौसी

सीमा: अच्छा ठीक है मेरे बच्चे चल तू आ जा मेरे साथ ही सो जा रेणु तुम्हें यहाँ कोई तकलीफ़ तो नही है अगर चाहो तो तुम भी मेरे साथ मेरे रूम में चलो जगह तंग है पर हम मॅनेज का लेंगे

रेणु: कुछ देर सोचने के बाद) कोई बात नही मौसी में यहीं सो जाउन्गी

सीमा: पक्का ना कि प्राब्लम तो नही

रेणु: नही

और सीमा अमन को अपने साथ लेकर चली गयी इधर रेणु के दिल की धड़कने तेज हो गयी थी ये सोच कर की आगे क्या होने वाला है उसने काँपते हाथो से डोर को बंद किया जैसे ही रेणु डोर बंद करके पलटी तो उसने देखा बबलू बिस्तर पर बैठा हुआ था रेणु ने नज़रे नीचे कर ली उसके गाल शर्म से लाल हो चुके थे बबलू उठ कर उसके पास आ गया रेणु नीचे फर्श की तरफ देख रही थी और अपने पैर के अंगूठों से फर्श को कुरेद रही थी बबलू ने बिना कुछ बोले उसे अपनी तरफ खींच कर बाहों में भर लिया रेणु के हाथ बबलू की चेस्ट पर थे वो अपनी चुचियों को बबलू की चेस्ट से दूर रखने की कॉसिश कर रही थी

रेणु: छोड़ो मुझे क्या कर रहे हो

बबलू: अच्छा तो अब शर्मा रही हो पहले तो

और कहते हुए बबलू चुप हो गया रेणु शर्म के मारे मरी जा रही थी बबलू ने रेणु के होंठो पर अपने होंठ रख दिए और उसके होंठो पर किस करने लगा रेणु ने अपना मुँह हटा लिया उसकी आँखें बंद थी बबलू ने लाइट ऑफ कर दी और उसे गोद में उठा कर बिस्तर पर लेटा दिया और उसके ऊपर लेट गया और अपने हाथों से रेणु के दोनो हाथों को पकड़ कर बिस्तर से सटा दिया और ताबड तोड़ चुंबन की बोछार उसके फेस पर कर दी रेणु अपना सर इधर उधर कर रही थी जिसके चलते बबलू उसके होंठो को चूम नही पा रहा था बबलू ने अपना एक हाथ रेणु की गर्दन के नीचे से निकाल कर उसके फेस को पकड़ लिया और उसके गुलाबी होंठो पर अपने होंठ रख दिए और किस करने लगा थोड़ा विरोध के बाद रेणु शांत पड़ गयी और उसने अपने होंठो को ढीला छोड़ दिया बबलू रेणु के होंठो को चूसने लगा उसने बरी-2 रेणु के दोनो होंठो को चूसा और फिर अपनी ज़ुबान को रेणु को मुँह में डालने लगा थोड़ी देर में ही रेणु ने अपना मुँह खोल लिया और अपनी ज़ुबान को बबलू की ज़ुबान से भिड़ा दिया रेणु एक दम मस्त हो चुकी थी बबलू ने एक हाथ नीचे लेजा कर रेणु की टी-शर्ट को एक झटके से ऊपर कर दिया और फिर दोनो हाथों से टी-शर्ट को रेणु की चुचियों से ऊपर तक कर दिया नीचे बबलू की टाँगें रेणु की जाँघो को फैला कर बीच में आ चुकी थी और बबलू का लंड उसके पयज़ामे और पैंटी के ऊपर से चूत पर रगड़ खाने लगा


रेणु ने अपने दोनो हाथों से बबलू के कंधो को कस के पकड़ लिया बबलू ने ब्रा को ऊपर उठा दिया रेणु की अन्छुई चुचियाँ बाहर आ गयी बबलू ने बिना देर के रेणु की एक चुचि का निपल मुँह में ले लिया और चूसने लगा जैसे ही बबलू ने रेणु का निपल चूसना शुरू किया वैसे ही रेणु के जिस्म में आग लग गयी रेणु ने अपने होंठो को दाँतों में भींच लिया उसके जिस्म में करेंट दौड़ घाया और मस्ती के लहर पूरे बदन में कोंध गयी रेणु के हाथ बबलू के कंधो से नीचे हो कर पीठ पर आ गये और रेणु उम्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह अहह सीईईईईईईईईईईईईईईई करने लगी बबलू पूरे ज़ोर से निपल को चूसने लगा और दूसरी चुचि को मसलने लगा रेणु अपने नखुनो से बबलू की पीठ कुरदेन लगी उसकी चूत की आग भड़क चुकी थी बबलू ने 5 मिनट निपल चूसने के बाद दूसरे निपल को चूसना चालू कर दिया रेणु के निपल एक दम तन चुके थे उसकी चूत से पानी निकल कर उसकी पैंटी को भिगोेन लगा था बबलू ने रेणु के निपल को मुँह से निकाला और रेणु की टाँगों के बीच घुटनो के बल बैठ गया और दोनो हाथों से रेणु के पयज़ामे के दोनो साइड से अपनी उंगलियों को एलास्टिक में फँसा कर नीचे की ओर सरकाने लगा रेणु एक दम गरम हो चुकी थी


रेणु ने अपनी गान्ड को थोड़ा सा ऊपर कर लिया ताकि पायजामा निकल सकें बबलू ने पयज़ामे को उतार कर एक साइड में रख दिया फिर वैसे ही पैंटी को भी उतार दिया और फिर से रेणु के ऊपर झुक कर उसके होंठो पर किस करने लगा बबलू अपने दोनो हाथों से रेणु की चुचियों को मसल रहा था नीचे बबलू का लंड एक दम तन कर खड़ा था और रेणु की चूत की फांकों पर रगड़ खा रहा था रेणु का जिस्म मस्ती की लहर में तैर रहा था रेणु ने अपनी जाँघो को फैला कर रखा था पूरी तरह गरम होने के कारण चूत के होंठ थोड़ा सा खुल गये थे बबलू ने अपना एक हाथ नीचे ले जाकर अपने लंड को पकड़ कर लंड के सुपाडे को रेणु की कुँवारी चूत के छेद पर लगा दिया रेणु के मुँह से आहह निकल गयी और वो बबलू से चिपक गयी और उसके होंठो को चूमते हुए बोल पड़ी आइ लव यू बबलू में तुम से बहुत प्यार करती हूँ

बबलू: में भी पर क्या तुमने पहले ये सब किया है

रेणु:धीमी आवाज़ में ) नही

बबलू:पहली बार थोड़ा दर्द होता है

रेणु: में जानती हूँ पर में आपके लिए कुछ भी कर सकती हूँ

बबलू ने रेणु की जाँघो को पकड़ कर ऊपर की ओर कर दिया और अपनी कमर का पूरा ज़ोर लगा कर बहुत तेज धक्का मारा लंड का सुपाडा चूत की सील को तोड़ता हुआ अंदर घुस गया

रेणु:अहह माआआआआ बहुत दर्द हो रहााआआ हाईईईईईईईई

बबलू जानता था कि अब रुकना ठीक नही हो गा बबलू ने अपना लंड को थोड़ा सा बाहर निकाला और फिर से अंदर पेल दिया रेणु के मुँह से घुटि हुई चीख निकल गयी

रेणु:अहह निकालूऊऊओ ईसीईईई बहुत दर्द्द्द्द्दद्ड हो रहा हाईईईईईईई


ghadi par 11 baj rahe thee Renu aur aman school se 2 baje wapis ate the us din bablu ne shobha ko 1baje tak kai baar choda aur shobha na jane kai baar jhadi ghar ka koi kona koi hissa nahi bacha tha jahan in teen chaar ghanton me bablu ne shobha ko nahi choda shobha ki choot bhee suj gayee thee 2 baje jab Renu aur aman wapis aye to bablu neeche tha usne gate khola to Renu aur aman andar aa gaye Renu bablu ko ghar par dekh kar thodi hairaan jaroor hui lekin seedha oopar aa gayee shobha ne kisi tarah dopahar ka khana bana liya tha jab bablu oopar aya to charon baithe kar khana khane lage tabhi shobha ne khana khate hue Renu aur aman ko bataayaa ki aaj unke masi yani shobha kee bahan seema ka phone aya tha uske devar kee shadi Sunday ko hai usne hame invite kiya hai par lagta hai ki mekn nahi ja paaungee bahut se kapde silane wale pade hai

aman: lekin maa mujhe jana hai kitne mahine ho gaye hum kahin ghumane bhee nahi gaye sari summer viction bhee ghar par hee bita dee

aman jidd Karne laga Renu bhee shobha se boli maa hamen jana hai ab to kai saal ho gaye hamen ek bhee shadi nahi dekhi hai please maa jane do na hum akele chale jaayenge

shobha:theek hai theek lekin akele nahi agar bablu sath mein jayega to mujhe bhee pareshaani nahi ho gee

aman:ye theek rahega mein bablu bhaiya ke sath khoob masti karoonga

shobha: kyon bablu tumhe koi problem to nahi

bablu: (beman se) theek hai mein chala jaaungaa

khana khane ke baad shobha ne apni behan seema ko phone kiya

shobha: hello seema kaisee ho

seema:mein theek hun to didi kal tum aa rahi ho na

shobha:nahi mein nahi aa paaungee ghar par bahut sa kaam pada hai par bachhe aa rahe hain

seema: kya akele
shobha:nahi nahi hamen neeche ka room ek ladke ko rent par de rakha hai bahut hee achha ladaka hai usi ke sath aa rahe hai tum sambhal lena

seema: theek hai didi agar tum ati to mujhe bahut achha lagta

shobha: achha mein phone rakhti hun

uske baad shobha oopar chat par aa gayee Renu aur aman apna bag pack Karne mein lage hue the dono bahut khush thee jab shobha oopar ayee to bablu pahle se oopar apna bistar laga kar leta hua tha shobha bina kuch bole bistar lane store room ke andar chali gayee bablu bhee uske peeche aa gaya bablu ne shobha ko peeche se pakad liya

shobha: chodo kya kar rahe ho bachhe neeche hain agar oopar aa gaye to

bablu: tumne mujhe kyon jane ke liyebola unke jane ke baad humre pass raat ko time hee time hota

shobha: lekin bachhe akele kaise jate aur mujhe bhee do teen din ke rest chahe

bablu : kyon kiya hua man bhar gaya

shobha: tumhen nahi pata tumhen to mere choot suja kar rakh dee ab theek hone mein thoda time to chahe isliye tumhen wahan bej rahi hun

bablu -par tab tak mein kiya karoon mujhe bardaast nahi hota ek baar de do na phir mein chala jaonga
shobha :nahi bachhe neeche hain
bablu: (apna lund payjama neeche karke bahar nikal liya aur shobha ke hath mein pakdate huebola) dekh na kaise khada hai ab to iska hal kar dee
shobha ne bablu ke lund ko chod kar storeroom ke door ke pass aakar bahar dekha phir light off karke store room ke khidki ko thoda sa khol diya aur bablu ko apne pass buliya aur khud neeche baith gaye aur bablu ke lund ke supaaDaa ko munh mein bhar lee aur chusane laagi shobha ka sar teji se bablu ke lund par age peeche ho raha tha shobha ke jeebhe ka daboo bablu ke lund ke supaaDaa par badhta ja raha tha bablu ne shobha ke sar ko dono hathon se kas ke pakad liya aur shobha teji se bablu ka lund munh ke andar bahar Karne lagi 5 min ke chusai ke baad bablu ke lund ne pani shobha ke munh mein chod diya shobha ne jaldi se bahar thook diya aur saree ke pale se apna chera saaf kiya bablu to jaise swarg ke sair kar wapis aya tha phir dono bahar aa gaye thodi der baad Renu aur aman bhee oopar aa gaye aur sab log so gay eagle subah naste ke baad bablu aman aur Renu jane ke taiyaari mein jhut gaye kareeb 2 baje teeno ne busstand par pahunch gaye aur luckhnow ke liye bus pakad lee seema ka ghar luckhnow city se thoda bahar tha teeno bus mein baith gaye aman window seat ke taraf baitha tha uske baad Renu aur phir bablu baitha hua tha poore raste mein bablu ke jahngen Renu ke jaangho se ragad khati rahi aur kai baar bablu ke kohani Renu ke anchui chuychion se ragad kha gaye sham ke kareeb 6 baje Renu aman ke mosi ke ghar pahunch agee seema Renu aur aman ko dekh kar bahut khus hui seema ne teeno ko andar dawing room mein baitha diya ghar mein mehamaon ke kafi bheed thee chai naste ke baad Renu aur aman apne rishtedaron se milane aut baten Karne mein mashroof ho gaye aur bablu ek kone mein chair par baitha sab dekh raha tha Renu aur bablu ke nazren aapas mein baar-2 takra rahi thee Renu ke chere par halki muskan aa jati par bablu samajh nahi paa raha the ki wo apni cousin se baat par muskrat rahi hai yan use dekh kar bablu aman ke pass gaya
bablu: aman jara baat sunana
aman : jee bhaiya
bablu : mein jara bahar ghoom ka rata hun
aman: jee theek hai bhaiya
aur bablu ghar se nikal paidal chlata hua market mein aagaya aur thke se ek half lekar daru pee lee jab bablu ghar wapis aya to raat ke 9 baj rahe thee ghar mein ladies sangeet chal raha tha sab log naach gaa rahe the bablu ek kone mein chair par jakar baith gaya Renu apni reltives ke sath naach rahi thee usne mahroon colour ka salwar kameez pahana hua tah Renu ek dam kiyamat lag rahi thee bablu uske gore rang ko dekh kar pagal hua jar aha tha lekin bablu ka man nahi lag raha tha use neend ane lagi usne aman ko hath se ishara kiya aman bablu ke pass aya aur bola jee bhaiya kiya baat hai
bablu: aman mujhe neend aa rahi hai
aman: bhaiya aap rukiye mein mousi ko abhi kehtha hun
aur aman apni mousi seema ke pass chala gaya aur apni mousi ko bataayaa thodi der baad seema aman ke sath ek aura a gaye aur aman ne bablu ko ishare se buliya bablu undono ke peeche chala gaya seema aman aur bablu ko oopar ke ek kamre mein le gaye wo room shadi ke samman se bhara pada tha wahan bahut kam jagah thee seema ne do gaddo ko neeche jameen par bicha diya aur bolli aman tum log yahin so jana aur aman tum mere sath chalo mein khana deti hunt um apne bhaiya ko oopar khana de jana aur aman apni mousi seema ke sath neeche aa gaya uski mousi ne khana daal kar aman ko de diya aman bablu ka khana wahin uske room mein de aya bablu ne tab tak kapde change kar liye the aur shorts aur T-shirt pehan kar khana khane laga aur khana khan ke baad wo let gaya thaka hone ke karan use neend aa gaye neeche naach gana chal raha tha der raat bablu ko pyass lagi uski neend toti to kamre mein andhera chaya hia tah bahar se halki roshani andar aa rahi thee bablu khada hua aur andaze lights ke button ke pass pahucnh kar light on kee jaise hee light on hui sabse pahle uski nazardiwar par lagi ghadi par padi raat ke 2 baj rahe thee poore ghar mein sanata pasrahua tha bablu ne bistar ke taraf dekha to woe k dam harain reh gaya uske bagal mein Renu leti hui thee aur use aage aman leta hua tha bablu ne pani peeya aur ek baar phir se Renu ko dekha uske gore gallon par baal bikhare hue thee wo bahut hee haseen lag rahi thee bablu man mein sochane laga kaash ye muj se pat jaye to life ban jaye par iska kuch pata nahi chalta ki iske man mein kiya hai

bablu light off karke wahin wapis apni jagah let gaya uska lund yahi soch kar khada ho gaya tha ki uski bagal mein Renu leti hui hai bablu sochane laga ki kiya Renu jaanbuj kar uski taraf so hui thee aman ko usne beech mein kyon nahi suliya kiya Renu bhee wahi chathi hai jo mein chatha hun bablu nesocha aaj achha moka hai apna luck azmane ka wo Renu ke kareeb khisak gaya Renu karvat kebal leti hui thee uski peeth bablu ke taraf thee usne white colour kit shirt aur pyajama pehana hua tha bablu dheere -2 uske ki aur khisktachala gaya akhir kaar bablu Renu ke sath satgaya uski chest Renu ke peeth se sat gaye aur lund Renu ke payjame ke oopar se uski gaanD ke sath sat gaya thodi der bablu bina hilae pada raha phir himmat jhuta kar usne apna right hand Renu ke khulae par rakh diya aur dheere -2 apni kamar hilane laga bablu ka lund Renu ke gaanD ke daraar mein ragad khane laga bablu utejana aur dar ke mare kaanp raha tha uska lund ek dam tan chukka tha usne dheere -2 apna hath oopar lejana chalu kar diya usne apna hath Renu ki T-shirt ke andar karke oopar karma chalu kar diya jaise hee bablu ka hath Renu ke nangi kamar par pada Renu ke sansen bhari ho gaye uske sansen ab bablu ko saaf sunai de rahi thee dheere-2 bablu ka hath rengta hua oopar ki taraf badhane lga Renu karvat ke bal leti hui thee uski ek baju kohani tak uski bagal ke oopar thee
jaise hee bablu T-shirt ke andar se apna hath oopar ki aur kar raha tha tab Renu ke baju bagal ke oopar hone ke karan uska hath wahin ruk gaya jaise hee bablu ne thoda sa hath aur aage kiya tabhi Renu ka baju halka sa oopar ho gaya jaise Renu ne khud bablu ke hath ko aage badhane ke jagah de rahi ho bablu soch mein pad gaya kiya Renu jag rahi hai ab jo hoga dekha jayega dheere-2 bablu ka hath Renu ke kamar aur makhmali pet se oopar ki aur chuchiyon ki aur badh raha tha Renu ke sansen is baat ki gawahi de rahi thee ki wo jaggi hui hai akhir kaar bablu ka hath Renu ke naram mulaayam right chuchi tak pahunch gaya aur uski ungliyan Renu ke bra ke neechle hisse se takara gaye bablu ne sari himmat jhuta kar apna hath uski chuchi par rakh diya aur thodi der baad dheere-2 bablu Renu ke chuchi ko bra ke oopar se dabane laga jaise bablu ne Renu ki chuchi ko sahlana shuru kiya Renu ki peeth bablu ki aur jhukane lagi uski munh se ghuti hui ahhhhhhhhhh nikal gaye bablu ne apna hath thoda neeche kiya aur bra ke cups ko oopar uthane ke koshish Karne laga par bra bahut tight thee wo bra ke cups ko oopar utha kar Renu ki chuchi ko bahar nikalana chatha tha phir usne apne hath T-shirt ke andar se hee Renu ke peeth par le aya aur bra ki hooks kholane ki koshish Karne laga par wo bra ke hooks bhee khol nahi paa raha tha tabhi achank aman ke khansane ki awaz aye bablu ne jaldi se hath bahar nikale aur seedha let gaya kamre mein andehra tha kareeb 10min gujar gaye koi harkat yan halchal nahi hui bablu phir se Renu ke taraf karvat badal kar let gaya bahar se ati halki roshani se bablu ne gore se Renu ki taraf dekha wo seedhi peeth ke bal leti hui thee bablu Renu ke ilkul pass leta hua tha usne apna hath dheere se Renu ke pet par rakh diya Renu ke tashirt nabhi se thoda oopar tak uthi hui thee bablu ne phir se tshrit ke neeche seapna hath gussa diya aur uski chuchiyon ki taraf bahdane laga jaise hee uske hath uski chuchi se akraye use mahsoos hua ki uski bra dheele ho gaye hai bablu ne bra ke neeche apna hath aage badha diya bra ke cups ek dam oopar uth gaye aur Renu ke unchui chuychion mein se ek par bablu ke hatheli thee bablu dheere-2 Renu ki chuchi par apna hatheli ragadne laga uski chuchi ka nipple par bablu ke hatheli rgar kha rahi thee Renu ka badan mein kampan saaf mahsoos kiya ja skta tha bablu ne right chuchi ko sahlane ke baad left chuchi ko sahlana shuru kar diya Renu ne ek dam se bablu ke hath ke oopar apna hath rakh diya lekin bablu ne apna hath hatya nahi aur wo Renu ke chuchi ko sahlata raha tabhi achank phir se aman ke khansane ke awaz se bablu darr gaya aur apna hath Renu ki tshrit se nikal diya amna uth kar baith gaya aur didi -2 pukarne laga thoda der baad Renu ne jawab diya
Renu: kiya hai aman so jaa
aman: mujhe neeche neend nahi aa rahi hai dekho na ye gadda kitni patla hai
Renu ne uth kar light on kee bablu apni ankhen band kiye leta hua tha
aman: mujhe neend nahi aa rahi didi
Renu: to phir ab raat ko mein kiya karoon
abhee bahar kuch chal phal thee Renu ke mosui seema ne door knock kiya Renu ne door khola to seema ne pucha kiya hua koi problem to nahi hai
aman:mujhe yahan neeche neend nahi aa rahi mousi
seema: achha theek hai mere bachhe chal to aa ja mere sath hee so ja Renu tumhen yahan koi takleef to nahi hai agar chaho to tum bhee mere sath mere room mein chalo jagah tang hai parhum manage ka lenge
Renu: kuch der sochane ke baad) koi baat nahi mousi mein yahin so jaaungee
seema: pakka na ki problem to nahi
Renu: nahi
aur seema aman ko apne sath lekar chali gaye idhar Renu ke dil ke dhadkane tej ho gaye thee ye soch ka kee aage kiya hone wala hai usne kanpte hatho se door ko band kiya jaise hee Renu door band karke palti to usne dekha bablu bistar par baitha hua tha Renu ne nazre neeche kar lee uske gaal sharm se lal ho chuke thee bablu uth kar uske pass aa gaya Renu neeche farsh ke taraf dekh rahi thee aur apne pair ke ungtho se farsh ko kured rahi thee bablu ne bina kuch bole use apni taraf kheench kar bahon mein bhar liya Renu ke hath bablu ke chest par thee wo apni chuchiyon ko bablu ke chest se door rakhane ki kosish kar rahi thee
Renu: chodo mujhe kiya kar rahe ho
bablu: achha to ab sharma rahi ho pahle to
aur kehthe hue bablu chup ho gaya Renu sharm ke mare me ja rahi thee bablu ne Renu ke hontho par apne honth rakh diye aur uske hontho par kiss Karne laga Renu ne apna munh hata liya uski ankhen band thee bablu ne light off kar dee aur use god mein utha kar bistar par leta diya aur uske oopar let gaya aur apne hathon se Renu ke dono hathon ko pakad kar bistar se sata diya aur tabrtor chumbune ki bochar uske face par kar dee Renu apna sar idhar udhar kar rahi thee jiske chalet bablu uske hontho ko choom nahi paa raha tha bablu ne apna ek hath Renu ke garden ke neeche se nikal kar uske face ko pakad liya aur uske gulabi hontho par apne honth rakh diye aur kiss Karne laga thoda virodh ke baad Renu shaant pad gaye aur usne apne hontho ko dheela chod diya bablu Renu ke hontho ko chusane laga usne bari-2 Renu ke dono hontho ko chusa aur phir apni juban ko Renu ko munh mein dalane laga thodi der mein hee Renu ne apna munh khol liya aur aur apni juban ko bablu ke juban se bheeda diya Renu ek dam mast ho chuki thee bablu ne ek hath neeche lejake Renu ke T-shirt ko ek jhatke se oopar kar diya aur phir dono hathon se T-shirt ko Renu ke chuchiyon se oopar tak kar diya neeche bablu ke tangen Renu ke jaangho ko phailla kar beech mein aa chuki thee aur bablu ka lund uski payjame aur painty ke oopar se choot par ragad khane laga Renu ne apne dono hathon se bablu ke kandho ko kas ke pakad liya bablu ne bra ko oopar utha diya Renu ke unchui chuchiyaan bahar aa gaye bablu ne bina der ke Renu k eek chuchi ka nipple munh mein le liya aur chusane laga jaise hee bablu ne Renu ka nipple chusna shuru kiya waise hee Renu ke jism mein aag lag gaye Renu ne apne hontho ko danton mein bheench liya uske jism mein current doud ghaya aur masti ke lahar poore badan mein kondh gayeRenu ke hath bablu ke kandho se neeche ho kar peeth par aa gaye aur Renu umhhhhhhhhhhhh ahhhhhhhhhhhhhhhhhhh siiiiiiiiiiiiiiiii Karne lagi bablu poore jor se nipple ko chusane laga aur doosri chuchi ko maslane laga Renu apne nakhuno se bablu ke peeth kurden lagi uski choot ke aag badhak chuki thee bablu ne 5 min nipple chusane ke baad doosra nipple ko chusna chalu kar diya Renu ke nipple ek dam tan chuke thee uski choot se pani nikal kar uski painty ko bhigoen laga tha bablu ne Renu ke nipple ko munh se nikala aur Renu ki tangon ke beech ghutno ke bal baith gaya aur dono hathon se Renu ke payjame ke dono side se apni ungliyon ko elastic mein phansa kar neeche ke aur sarkaen laga Renu ek dam garam ho chuki thee Renu ne apni gaanD ko thoda sa oopar kar liya tanki payajama nikal saken bablu ne payjame ko utar kar ek side mein rakh diya phir waise hee painty ko bhee utar diya aur phir se Renu ke oopar jhuk kar uske hontho par kiss Karne laga bablu apne dono hathon se Renu ke chuchiyon ko masal raha tha neeche bablu ka lund ek dam tan kar khada tha aur Renu ke choot ke phankon par ragad kha raha Renu ka jism masti ke lehan mein tair raha tha Renu ne apni jaangho ko phaila kar rakha tha poori tarah garam hone ke karan choot ke honth thoda sa khul gaye the bablu ne apna ek hath neeche le jakar apne lund ko pakad kar lund ke supaaDaa ko Renu ke kunwari choot ke ched par laga diya Renu ke munh se ahh nikal gaye aur wo bablu se chipak gaye aur uske hontho ko choomte hue boli padi I love u bablu mein tum se bahut pyaar karti hun
bablu: mein bhee par kya tumne pahle ye sab kiya hai
Renu:dheeme awaz mein ) nahi
bablu:phalli baar thoda dard hota hai
Renu: mein janti hun par mein aapke liye kuch bhee kar sakti hun
bablu ne Renu kee jaangho ko pakad kar oopar ki aur kar diya aur apni kamar ka poora jor laga kar bahut tej Dhakka mara lund ka supaaDaa choot ke seal ko todtha hua andar ghus gaya
Renu:ahhhhhhhhhhhhh maaaaaaaaaa bahut dard ho rahaaaaaaaa haiiiiiiiii
bablu janta tha ki ab rukna theek nahi ho ga bablu ne apna lund ko thoda sa bahar nikala aur phir se andar pel diya Renu ke munh se ghuti hui cheekh nikal gaye
Renu:ahhhhhhhhhhh nikalooooooo iseeeeeeee bahut darddddddd ho raha haiiiiiiii


Re: दास्तान ए चुदाई (माँ बेटी बेटा और किरायेदार)