मेरी बीबी की सहेली

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The Romantic
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Re: मेरी बीबी की सहेली

Unread post by The Romantic » 16 Dec 2014 11:27

मेरी बीबी की सहेली पार्ट--2

गतान्क से आगे......... मेरी वाइफ फिर चिल्लाने लगी थी अरे मेरे चोदु

जीजू मेरी चूत मे आग लगा रखी है तुमने. साले गान्डू भोसड़ी वाले, मदर्चूद

चोद्ता क्यों नही है.... हाईईइ ऐसे ही और तेज़्ज़ और तेज़्ज़ मैं भी

स्पीड जितनी बढ़ा सकता था बढ़ा दिया उसका क्लाइटॉरिस अंगूर के दाने जैसा

बाहर निकलने लगा था उसकी चूत फिर से तय्यार हो गई थी ........ इधर मेरे

सेल पर सब कुछ सुन रही ज्योति की हालत भी खराब हो चुकी थी और वो भी

बिल्कुल नंगी होकर अपनी चूत मैं मूली डॉल कर चूत को चोद रही थी और सोच

रही थी कब उसको लंड मिले गा. मेरी वाइफ ने कहा " रोज तू मेरे ऊपर चढ़ कर

चुदाई करता है मदर्चोद आज मैं तेरे को चोदुन्गी साले बहुत तरसाता है तेरा

यह हल्लभी लॉडा......." सागर मे और कोई नही है ऐसे लॉड वाला.... मैने कहा

चोद ना छीनअल्ल ज्योति........'''' अभी कहा पहले तो मैं इससे अपने मूह की

प्यसस बुझऊन्गी. फिर चूत चुडआवोवानंगियी रे मदर्चोद तूने अपने लंड को

मेरी चूत से पहले झरने दिया तो फिर अंज़ाम बहुत बुरा होगा......... मैने

मोबाइल के पास मूह करके कहा ' अरे मेरी ज्योति रानी जल्दी से मेरे लॉड को

अपनी काली चूत मे घुस्वाओ...." मेरे गुलाबी लंड को काली चूत बहुत पसंद है

हल्की सी झांते और हो चूत पर तो और भी मज़ा आता है. इतने मे मेरे लंड पर

गरम गरम और गीला गीला महसूस हुआ मैने देखा तो मेरी वाइफ मेरा लंड किसी

महीनो भूके भिखारी जिसको अचानक छप्पन भोग मिल गया हो की माफिक चूस और चाट

रही थी. उसके चाटने से उसके मूह चुक्क्क, पच चित्त जैसी नसीली आवाज़े आ

रही थी और मेरा लंड बहुत ही कड़क होता जा रहा था. अब और चटवाना मेरे बस

की बात नही रह गया था तो मैने अपनी वाइफ के बाल पकड़े और उसको ज़बरदस्ती

बेड पर पटक दिया और उसकी टांगे फैलाकर उसके हाथ उसकी टाँगो मे फसा दिए

जिससे मेरे हाथ फ्री हो सके और मैने अपना लंड उसकी चूत के छेद पर टीका

दिया और उसका मूह सेल के पास कर दिया जिससे जब मैं लंड पेलू तो मेरी वाइफ

की चीख ज्योति सुन सके...... और एक ही धक्के मे मैने लंड पेल दिया.... "

मेरी वाइफ चिल्ला पड़ी...... मार गैईईइ रेयीयियी मम्मि ललल्ल्ल्लाआ मुझे

बचा लूऊऊऊऊऊओ शियीयियैआइयैआइयैआइयैयीयीयियी इस मदर्चूद ने तो आज फिर से

मेरी चूत फार दीईइ'''''''''' ज्योति यह सुनकर और गरमा गई थी और तेज़ी से

मूली अपनी चूत मैं अंदर बाहर कर रही थी मेरी वाइफ जितना चिल्लती मुझे

अपना सपना सच होने की उतनी उम्मीद बढ़ रही थी...... मैं आज बड़ी ही

बेरेहमी से अपनी वाइफ को चोद रहा था.. ... मेरी वाइफ को भी ऐसे ही

चुदवाना पसंद था '' उसको चुदवाते वक़्त बिल्कुल जंगंग्ली जानवरों जैसा

सलूक और देसी गंदी गंदी गालिया के साथ मस्त लंड से चुदवाने मे बहुत मज़ा

आ रहा था..... अब वो मेरे लंड का मज़ा लेने लगी थी और अपनी चूत मेरे हर

धक्के पर उछाल रही थी... कहती जा रही थी.... हाअ ऐसे ही चोद्द्द अरे ज़ोर

से क्यों नही चोद्ता... भोसड़ी वलाअ..... और्र ज़ोर से.... ज्योति की

बुर्र कैसे मारेगा...... मदर्चूद्द्द... चोद ना साले ज़ोर से. वो हुमच

हुमच कर चुदवा रही थी... उसकी चूत बार बार पानी छोड़ रही थी. मैने अब

अपनी वाइफ की चूत मे लंड डाले हुए ही उसको जिस ओर सिरहाने मोबाइल रखा था

उस तरह उसका मूह करके करवट दिलवा दिया ' अरे राजा तुम तो चुदाई मे मास्टर

आदमी हो लंड चूत से निकालते भी नही हो और करवट भी दिलवा दिया'..... हीइ

सीईईईईई जल्दी चोदूऊओ'''' शियीयियैआइयैयीयीयियी और ज़ोर से चोदो भोसड़ी

वाले. मैने कहा "मेरी प्यारी कल्लो ज्योति रानी जल्दी किस बात की है अभी

तो मैं तुम्हारी चूत ही मार रहा हू फिर इसके बाद तो तुम्हारी गांद का

नंबर है" ....बोली "ठीक है पर तुम मुझे झराऊ तो तभी तो गांद

मर्वऊन्गीइ...." मैने उसका एक पैर उठा कर अपनी कमर पर रख लिया जिससे मैं

उसकी पीठ से चिपक गया अब मैं चोद्ते हुए उसकी पीठ से चिपका रह सकता था और

उसके माम्मे भी मसल सकता था और साथ ही साथ चूत मे गहराई तक धक्के भी पेल

सकता था.... सो मैने ऐसा ही कियाअ.... मैने कहा 'री मेरी रंडी छीनअल्ल

ज्योतीईई कितना तडपाएगी मदर्चोद बहुत दीनो से तड़प रहा हू ले " और मैं

गहरे गहरे धक्के लगाने लगा और उसके मम्मे लगभग वैसे है जैसे किसी पेड़ की

डाली मरोद्ते है ऐसे मसल्ने लगा... वो दर्द और प्लेषर मे शाइयियी और सीयी

कर रही थी... ''''सीईईईईई..... हाआ मेरे चोदु रजाआ.... मेरे लंड बहादुर

ख़ासम्म्म्म चोदो और तेज़्ज़्ज़ मेरे इन दूधू को उखाड़ कर खा जाओ......

इन पर सबकी नज़र होती है...... तुम्हारी डार्लिंग ज्योति भी इनकी दीवानी

हाईईईईईईई''' और्र मस्लो दबाऊ मैं उसकी गर्दन के पीछे लिक्क भी कर रहा था

वो एसक्सिटी मे चिल्ला रही थी वो ऑर्गॅज़म के बेहत नज़दीक थी हाआ ऐसे ही

चोदो फाड़ दो मदारचूड्दद मेरी चूत और घुसेदो पूरा डाल दो मैं आने वाली हू

शियीयियीयियी और चोदो तेज़ी से मैने अपनी स्पीड बहुत तूफ़ानी कर दी और

मैं भी झरने के करीब पहुच ता जा रहा था तभी मैने कहा हाईईइ मेरी ज्योति

तुम्हारी चूत बहुत सुन्दर है तुम्हारी पेशाब का टेस्ट बहुत अछा है अरी

मदर्चूदीइ छिनाल्ल्ल ले और ले मैं गहरे गहरे धक्के लगा रहा था.. वो मेरे

बाल खीच रही थी और नोच भी रही थी झरने के बिल्कुल करीब थी..... शियैयीयी

ममी इसने मेरी चूत मे क्या कार्दियाआअ...... आआआआआ हूंम्म्मममम कोइइ तो

बचाऊऊऊ आआआअ और पेलूऊऊ मैने पूरा लंड खीचा और बहुत ताक़त से पूरा का पूरा

थूस दिया इसी जोरदार धक्के मे वो झरना शुरू हो गई और मैने तूफ्फानी धक्के

मारे वो बहुत जोरो से झड़ी थी आज्ज्जज अब मेरी बारी थी झरने की सो मैने

उसको सीधे पीठ के बल लिटा कर तूफ़ानी धक़्की मारे और पूरा लंड सिर्फ़

सूपड़ा छोड़ कर बाहर खीच कर उसकी चूत की जड़ तक पेल दिया और रुक गया जहा

जाकर मेरे लंड ने फव्वारा छोड़ना चालू किया.. आज तो कुछ ज़्यादा ही

फव्वारे चल रहे थे जिस्को मेरी वाइफ भी महसूस कर रही थी जब मैं झार चुका

तो मैं लंड बाहर खीचने लगा.. मेरी वाइफ बोली क्यों आज मेरी चूत मे पेशाब

नही करना मैने कहा आज नही आज तो तुम्हारी गांद फाड़ दूँगा इसलिए अब तुम

उठो और जाओ पहले मूतो और फिर टट्टी करके आना जल्दी उठो..... मैने उसकी

चूत देखी तो बेरहम चुदाई से सुर्ख लाल हो गई थी और सूज भी गई थी. मैने

उसको आईना मे दिखाई तो कहती है " तुम बड़ी ही बेरहमी से चोद्ते हो जिससे

मेरी चूत सूज जाती है..... अब मुझे पेशाब करने मे भी दिक्कत होगी......

उसकी चूत मे से मेरा लावा रिस रहा था और गांद के नीचे से चादर उसके और

मेरे पानी से गीला हो चुका था... मैने उसको कहा जल्दी जाओ..... वो बाथरूम

मे चली गई... सो मैने बाथरूम का डोर बाहर से बंद कर दिया और झट से मोबाइल

उठा कर हेलो किया ज्योति अभी भी फोन पर ही थी बोली हेलो जीजू.... तुम तो

बहुत भयंकर चुदाई करते हो मैं फोन पर चुदाई सुन कर ना जाने कितने बार

झाड़ गई तुम्हारी कसम अब नही रहा जाता जीजू.. अब चाहे जो भी अंजाम हो तुम

मुझे चोदो मैं अभी घर से भाग कर तुम्हारे पास आ रही हू.... मैने कहा पागल

मत बनो ज्योति जहा इतने दिन गुज़ारे हैं वही अब रात के कुछ 4-5 घंटे ही

तो बकाया है.... अभी मैं तुम्हारी सबसे प्यारी सहेली की गांद मारूँगा

उसका किस्सा सुनना हाई क्या तुम...... जोती ने रिप्लाइ किया''' किस्सा

सुनने से क्या होगा मेरी चूत के साथ साथ मेरी गांद के छेद मे भी आग लग

जाएगी.... सही कहती है प्रीति इनका लंड और हाथी का लंड एक सा है....

जिजुउउ प्लज़्ज़्ज़ कुछ करो ना मेरी चूत कब मारोगे''' मैने कहा मेरी

प्यारी साली जी अभी तो तुम फोन पर ही मज़ा लो फिर कल देखो कैसे तुम्हारी

चूत का उद्घाटन करता हू''' उसने कहा ' जिजुउउउउ तुमको तुम्हारी बीबी की

कसम है यदि तुम कल 11 बजे सुबह मेरे पास नही आए तो सोच लेना'' मैं

हुन्गामा खड़ा कर दूँगी..." मैं तो अपनी बीबी और उसकी चूत को बहुत प्यार

करता हू और उसके प्रति वफ़ादार भी हू इसलिए मैने कहा ठीक है.... उस रात

फोन पर ज्योति ने बताया कि वो मेरी और वाइफ के चुदाई सेसन की आवाज़े

सुनकर अनगीनती बार झरी थी और कई बार मूली से अपनी चूत चोदि थी. मेरी वाइफ

जब बाथरूम से बाहर निकल कर आई तो मेरा लंड फिर से तय्यार हो रहा था. मेरी

वाइफ मेरी एक ही चुदाई से बिल्कुल पस्त पर जाती है. वो कहने लगी "जानू

तुम खुद मेरी चूत की हालत देखलो कितनी लाल हो रही है. तुम्हारा लंड ऐसी

मस्त चुदाई करता है कि मेरी चूत मे सुभह तक झंझनाहट होती रहती है और सूजन

रहती है" प्लीज़ अब सोने दो. पर मैं कहा मान-ने वाला था क्योंकि मैं ने

ज्योति से फोन पर बात जो कर ली थी मैने अपनी वाइफ से कुछ कहा नही सिर्फ़

इतना कहा' जानेमन कल और परसो दो दिन की छुट्टी है' तो आज रात का उपयोग

चुदाई के लिए करते है" ऐसा कहते हुए उसको मैने अपने बदन से चिपका लिया हम

दोनो नंगे ही थे तो मेरे बदन की गर्मी उसके शरीर मे ट्रान्स्फर होने लगी.

और मैं उसके कान के पीछे लिक्क कर रहा था और अपने पैर से उसके पैरो के

बीच यानी की उसकी फूली हुई चूत(मुनिया)पर. वो कुछ कसमसाने लगी थी सो मैने

उसके मस्त मम्मो को पकड़ कर सहलाना और धीरे धीरे सेन्सेशन्स भेजना चालू

कर दिया. मैं इंतेज़ार कर रहा था कि कब उसके मूह से सीयी या आआ का मोन

निकले. और इसमे उसको ज़्यादा देर नही लगी.... जैसे ही उसने शीयी सीईईईई

काराअ... मैने उसको दीवार से टिककर उसके शरीर पर चुम्मो की झरी लगा दी

उसके शरीर के हर हिस्से माथे पर दोनो आँखों पर किस, कान पर, नोज पर,

गर्दन के पीछे, गले मे, दोनो कंधो पर, आर्म पीठ मे, बूब्स के किनारो

(.) (.) पर, निपल के चारो और एरोला पर, दोनो बूब्स के बीच मे (.) (.),

और लिक्क भी साथ मे. वो कह रही थी '' जानू मत तड़फाओ मेरी चूत सुलगने लगी

हाई' मैं एक हाथ से उसकी मस्त फूली हुई चूत को मसल भी रहा था मैं सीधे

उसकी चूत के पास पहुच गया और उसकी चूत के चारो और लिक्क करने लगा, उसने

अपनी दोनो टांगे फैला रखी थी और मेरा सिर अपनी चूत पर दबा रही थी. मेरी

वाइफ जब गरम होती है तो चिल्लाती भी बहुत है ' अरी ले खाजा मेरी चूत कू''

तेरे लंड ने इसकी शकल बिगाड़ दी है' देख कैसी जला कर काली कर दी है इस

चूत को. ज्योति मेरी चूत की शादी के पहले तारीफ़ किया करती थी' कहती थी

हाई री तेरी चूत कितनी सुंदर और गुलाबी है. मेरे जीजू तुम्हारी चूत

चोद-चोद कर इसे काली कर देंगे और इतनी चाटेंगे कि तुम उनके मूह मे ही झार

जाओगी. ज्योति ने बिल्कुल सही कहा था... क्रमशः......

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Re: मेरी बीबी की सहेली

Unread post by The Romantic » 16 Dec 2014 11:28

मेरी बीबी की

सहेली पार्ट--2 gataank se aage......... meri wife fir chillane lagi

thiii are mere chodu jiju meri choot mai aag laga rakhi hai tumnee.

saake gaandu bhosdi wale, madarchood chodta kyon nahi haiii.... haiiii

aise hii aur tezz aur tezz main bhi speed jitni bada sakta thaa bada

diyaa uska clitoris angoor ke daane jaisa bahar nikalne laga thaa uski

choot fir se tayyar ho gai thiii ........ idhar mere cell par sab kuch

sun rahi jyoti ki halat bhi kharab ho chuki thi aur wo bhi bilkul

nangi hokar apni choot main mooli dall kar choot ko chood rahi thii

aur soch rahi thi kab usko lund mile gaa. meri wife ne kaha " roj tu

mere oopar char kar chudai karta hai madarchod aaj mai tere ko

chodungiii saale bahut tarsata hi tera yeh hallabhi lauda......."

Sagar mai aur koi nahi hai aise laude wala.... maine kaha chod na

chinall jyoti........'''' abhi kahaa pehle to mai isse apne muh ki

pyass bujhaoongii. phir choot chudwaoongii re madarchod tune apne lund

ko meri choot se pehle jharne diya to phir anzaam bahut bura

hogaa......... maine mobile ke paas muh karke kaha ' are meri jyoti

raani jaldi se mere laude ko apni kaali choot mai ghuswaoo...." mere

gulabi lund ko kaali choot bahut pasand haii halki si jhantaain aur

hoo choot par to aur bhi maja aata haii. itne mai mere lund par garam

garam aur geelaa geelaa mehsoos huaa maine dekha to meri wife mera

lund kisi mahino bhuke bhikhari jisko achanak chappan bhog mil gaya

hoo ki maafik choos aur chaat rahi thii. uske chaatne se uske muh

chukkk, puch chitt jaise naseele awajain aa rahi thii aur mera lund

bahut hi kadak hota jaa raha thaa. ab aur chatwana mere bas ki baat

nahi reh gaya thaa to maine apni wife ke baal pakde aur usko

jabardasti bed par patak diya aur uski taangey failakar uskey haal

uski taango mai fasa diyaa jisse mere haath free ho sakee aur maine

apna lund uski choot ke ched par tika diya aur uska muh cell ke paaas

kar diya jisme jab main lund peloo to meri wife ki cheekh jyoti sun

sake...... aur ek hi dhakke mai maine lund pel diyaa.... " meri wife

chilla padiii...... mar gaiiiiii reiii mammiii lalllllaaaa mujhe bacha

looooooooooooo hiiiiiiiiiiiiiiii is madarchood ne too aaj phir se meri

choot phaar diiiii'''''''''' jyoti yeh sunkar aur garma gai thii aur

tezi se mooli apni choot main ander bahar kar rahi thii meri wife

jitna chillati mujhe apna sapna such hone ki utni ummed barh rahi

thi...... main aaj badi hi berehmi se apni wife ko chod raha thaa..

... meri wife ko bhi aise hi chudwana pasand thaa '' usko chudwate

waqt bilkul jungli jaanwaron jaisa salook aur desi gandi gandi

gaaliyaa ke saath must lund se chudwane mai bahut maja aa raha

thaa..... ab wo mere lund ka maja lene lagi thi aur apni choot mere

har dhakke par uchaal rahi thiii... kehti jaa rahi thii.... haaa aise

hii choddd are jor se kyon nahi chodta... bhosdi walaaa..... aurr jor

see.... jyoti ki burr kaise maregaaa...... madarchooddd... chood naa

sallaae jor se. wo humach humach kar chudwa rahi thiii... uski choot

uske baar baar paani chor rahi thii. maine ab apni wife ki choot mai

lund dale hue hi usko jis or sirahne mobile rakha thaa us tarah uska

muh karke karwat dilwadiya ' are raja tum to chudai mai master aadmi

hoo lund choot se nikalte bhi nahi hoo aur karwat bhi dilwa

diyaa'..... hiii siiiiiii jaldii chodooooo'''' hiiiiiiiiiiii aur jor

se chodo bhosdi wale. maine kaha "meri pyari kallooo jyoti raani jaldi

kis baat ki haiii abhi to mai tumhari choot hi maar raha hoo phir iske

baad to tumhari gaand ka number haiii" ....bolii "theek hai par tum

mujhe jharaoo to tabhi to gaand marwaoongiii...." maine uska ek pair

utha kar apni kamar par rakh liya jisse mai uski peeth se chipak gaya

ab mai chodte hue uski peeth se chika reh sakta thaa aur uske maamme

bhi masal sakta thaa aur saath hi saath choot mai gehraii tak dhakke

bhi pel sakta thaa.... so maine aisa hi kiyaaa.... maine kaha 'ri meri

randi chinall jyotiiiiii kitna tadpayegii madarchod bahut dino se

tadap raha hoo le " aur main gehre gehre dhakke lagane laga aur uske

mamme labbhah waise hai jaise kisi ped ki daali marodte haii aise

masalne laga... wo dard aur pleasure mai hiiii aur siii kar rahi

thiii... ''''siiiiiii..... haaaa mere chodu rajaaaa.... mere lund

bahadur khasammmm chodooo aur tezzz mere in doodhoo ko ukhaad kar khaa

jaaooo...... in par sabki nazar hoti haii...... tunhari darling jyoti

bhi inki diwanii haiiiiiiii''' aurr maslooo dabaoooo mau uski gardan

ke peeche lick bhi kar raha thaa wo escasity mai chilla rahi thi wo

ORGASM ke behat nazdeek thiiii haaaa aise hoo choodoooo faad dee

madarchooddd meri choot aur ghusedooooo pooraa daal dooo main aane

walii hoooo hiiiiiii aur choodoooo teziii see maine apni speek bahut

toofaani kar diii aur mai bhi jharne ke kareeb pahuch ta jaa raha thaa

tabhiii maine kahaa haiiii meri jyoti tumharii choot bahut sunder

haiii tumhari peshaab ka taste bahut achaa haii ari madarchoodiii

chinaalll lee aur leee main gehre gehre dhakke laga raha thaa.. wo

mere baal kheech rahi thii aur noch bhi rahi thiii jarne ke bilkul

kareeb thiii..... hiiiii mummmiii isne meri choot maiii kya

kardiyaaaaa...... aaaaaaaaaa hummmmmmm koiii tooo bachaaoooooo aaaaaaa

aur peloooooo maine poora lund kheechaa aur bahut takat se poora ka

poora thoos diyaa isi jordaar dhakke mai wo jharna shuru ho gaiiii aur

maine tooffaani dhaakee maare wo bahut joro se jari thi aajjjj ab meri

baari thii jharne kiii so maine usko seede peeth ke bal lita kar

tooofaani dhakkee maare aur poora lund sirf supada chor karr bahar

kheech kar uski chuut ki jar tak pel diya aur rook gaya jaha jaaka

mere lund ne fawwara chorna challloo kiyaa.. aaj to kuch jyada hi

fawware chal rahe they jissko meri wife bhi mehsoos kar rahi thiiiiii

jab main jhar chukaa to mai lund bharar kheechne laga.. meri wife

boliii kyon aaj meri choot mai peshaab nahi karnaa maine kaha aaj nahi

aaj to tumhari gaand faddungaa fir...... sisliye ab tum uthoo aur

jaaooo pehle mootoo aur fir tatti karke aanaa jadi uthoo..... maine

uski choot dekhi to berahm chudai se surkh laal ho gai thiii aur sooj

bhi gai thiii. maine usko aaina mai dikhai to kehti hai " tum badi hi

berahmi se chodte haoooooo jisse meri choot sooj jaati haii..... ab

mujhe peshaab karne mai bhi dikkat hogiii...... uski choot mai se mera

lawa ris raha thaa aur gaand ke neeche se chadar uske aur mere paani

se gila ho chuka thaa... maine usko kaha jadi jaaoo..... wo baathroom

mai chali gaiiiii... so maine bathroom ka door bahar se band kar diya

aur jhat se mobile utha kar hello kiyaaaa jyoti abhi bhi phone par hi

thi bolii heloooo jijooooo.... tum to bahut bhayankar chudai kartey

hooooo mai phone par chudai sun kar na jaane kitne baar jar gaiii

tumhari kasam ab nahi raha jata jiju.. ab chahe jo bhi anjaam hooo tum

mujhe choodoooooooo main abhi ghar se bhaag kar tumhare paas aa rahi

hooo.... maine kaha pagal mat banoo jyoti jaha itne din gujhare wahi

ab raat ke kuch 4-5 ghante hi to bakaya haiiii.... abhi mai tumhari

sabse pyari saheli ki gaand maroongaa uska kissa sunna haii kya

tumhee...... joti ne reply kiyaa''' kissa sunne se kya hoga mere choot

ke saath saath meri gaand ke cheed mai bhi aag lag jayegii.... sahi

kehti hai preeti inka lund aur haathi ka lund ek sa haii.... jijuuu

plzzz kuch karooo naaa meri choot kab maroge''' maine kaha meri pyari

saali jiii abhi to tum phone par hi maja looo phir kal dekho tumhari

choot ka udghatan karta hooo''' usne kaha ' jijuuuuu tumko tumhari bb

ki kasam haii yadi tum kal 11 baje subha mere paas nahi aaye to soch

lena'' main hungama khada kar doongi..." main to apni BB aur uski

choot ko bahut pyar karta hoo aur uske prati wafadaar bhi hoo isliye

maine kaha theek haii.... us raat phone par jyoti ne bataya ki wo meri

aur wife ke chudai sesson ki awajain sunkar anginti baar jhari thii

aur kai baar mooli se apni choot chodi thi. meri wife jab bathroom se

bhahar nikal kar aayi to mera lund fir se tayyar ho raha thaa. meri

wife meri ek hi chudai se bilkul past par jaati haii. wo kehne lagi

"jaanu tum khud meri choot ki halat dekhlo kitni laal ho rahi haii.

Tumhara lund aisi mast chudai karta hai ki meri chut mai subhah tak

jhanjhanat hoti rehti hai aur soojan rehti hai" please ab sone do. par

main kaha maan-ne wala tha kyonki mai ne jyoti se phone par baat jo

kar li thi maine apni wife se kuch kaha nahi sirf itna kaha' janeman

kal aur parso do din ki chutti hai' to aaj rat ka upyog chudai ke liye

karte hai" aisa kehte hue usko maine apne badan se chipka liya hum

dono nange hi the to mere badan ki garmi uske sharir mai transfer hone

lagi. aur mai uske kaan ke peeche lick kar raha thaa aur apne pair se

uske pairo ke beech yani ki uski phooli hui choot(muniya)par. wo kuch

kasmasane lagi thi so maine uske mast mammo ko padkad kar sehlana aur

dheere dheere sensations bhejna chaloo kar diyaa. mai intezaar kar

raha tha ki kab uske muh se siii yaa aaaa ka moan nikle. aur isme usko

jyada der nahi lagii.... jaise hi usne hiii siiiiii karaaa... maine

usko dewaal se tikakar uske sharir par chummo ki jhari laga di uske

sharir ke har hisse maathe par dono aankhon par kis, kaan par, nose

par, grden ke peeche, gale mai, dono kandho par, arm pit mai,

boobs ke kinaro (.) (.) par, nipple ke charo aur aerola par, dono

boobs ke beech mai (.) (.), aur lick bhi saath mai. wo keh rahi thi ''

jannu mat tarphaoo meri choot sulagne lagi haii' mai ek haat se uski

mast phooli hui choot ko masal bhi raha thaa mai seedhe uski choot ke

paas pahuch gaya aur uski choot ke charo aur lick karne laga, usne

apni dono taange faila rakhi thi aur mera sir apni choot par daba rahi

thii. meri wife jab garam hoti hai to chillati bhi bahut hai ' aree

leee khaaja meri choot koo'' tere lund ne iski shakal bigad di hai'

dekh kaisi jala kar kaali kar di hai is choot ko. jyoti meri choot ki

shaadi ke pehle taarif kiya karti thii' kehti thi hiii ri teri choot

kitni sundar aur gulabi hai. mere jiju tumhari choot chod-chod kar ise

kaali kar denge aur itni chatenge ki tum unke muh mai hi jhar jaoogi.

jyoti ne bilkul sahi kaha thaa... kramashah........

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Re: मेरी बीबी की सहेली

Unread post by The Romantic » 16 Dec 2014 11:29

मेरी बीबी की सहेली पार्ट--3

गतान्क से आगे......... सही बताओ उसको कैसे पता कि तुमको चूत चाटने मे

महारत हासिल है.. मैं बहुत तेज़ी से उसकी क्लिट से लेकर उसकी गांद के छेद

तक अपनी जीव घुमा रहा था उसकी चूत किसी बरसाती नाले की तरह पनिया कर बह

रही थी. मेरी वाइफ से जब रहा नही गया तो उसने मुझे धक्का दिया और ज़मीन

पर गिरा दिया और मेरे तने हुए लॉड (मुन्ना) पर टूट पड़ी. वो उसे ऐसे चूस

रही थी जैसे सालो से भूखी हो. और कुछ देर बाद उसने अपनी चूत(मुनिया) के

मूह पर लंड की टिप रखी और एक दम से लंड पर बैठ गई. फ़च..... की आवाज़ के

साथ मेरा पूरा लंड उसकी मुनिया(चूत) मे जड़ तक समा गया . वो चिल्ला पड़ी

आआअहह,,,,, जल गैईई मेरी मुनियाआ,,, फट गैइइ रीईईई और कुछ देर तक वैसे ही

रुकी रही. फिर धीरे धीरे अपनी गांद गोल गोल घूमाते हुए जैसे कोई स्क्रू

कस रही हो मेरा लंड अपनी चूत(मुनिया) की गहराइयों मे महसूस करने लगी.

उसको ऐसा करने मे बहुत मज़ा आता था. और उससे दूना मज़ा मुझे आने वाला था

क्योंकि अब वो फ्यूरियस स्पीड से चुदवाने वाली थी और स्ट्रोक्स की स्पीड

वो कंट्रोल कर रही थी साथ ही साथ मेरे से अपपने मम्मे मसलवा रही थी और

मेरे को जगह जगह नोच रही थी और किस कर रही थी इससे मेरे लंड(मुन्ना) को

भी बहुत मज़ा आ रहा था. अचानक उसने अपनी स्पीड बढ़ा दी और बकबकने लगी.

"अरे साले गान्डू अपनी इस रंडी बीबी को छोड़ कर मेरी सहेली ज्योति पर

नज़र रखता है" उसकी मुनिया के चीथड़े उड़ाना चाहता है, पहले मेरी मुनिया

से तो निपट," वो झरने के करीब पहुच गई थी और जोरो से मेरे लंड की राइडिंग

का पूरा मज़ा ले रही थी... "हा ले सीईईईई शियीयीयियीयियी छील गई मेरी

मुनिया हाअ और ले अरे घाव हो गया रे ......." ऐसी कुछ भी आंट-सॅंट बके जा

रही थी मैं उसके मम्मे बिल्कुल जैसे गीले कपड़े निचोड़ते है वैसे ही मसल

रहा था. कुछ ही देर मे वो बुरी तरह से झरी और वैसे ही मेरे से चिपक गई.

वो जोरो से हाफ़ रही थी मैं उसकी पीठ सहला रहा था और नीचे से धीरे धीरे

धक्के भी दे रहा था. उसको बहुत अछा लग रहा था. वो अब शांत हो गई थी और

गहरे गहरे साँस लेकर मेरे लंड को अपनी मुनिया मे कसे हुए थी. अहह

जानुउऊउउ अपने मुन्ने को मेरी मुनिया से अलग मत करना..... हे भगवान आजकी

रात सबसे लंबी रात कर दो....... ओउर्र्र पेलो जानू अपने मुन्ना को मेरे

गले तक ले आऊऊऊ.... हीईिइ सीईईई बड़ा ही मस्त मुन्ना है. इसने कई चूतो का

खून पिया है हाईईईईई.. ज्योति तू ना चुदवाना इस लॉड से..... शियीयीयियी

सीईईईई बड़ा जालिम हल्लाबी लॉडा हाईईईईई और इसका नाम ये मुन्ना रखे

है....... शियीयीयियी ओउर चोदो प्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़ औरर्र फादूऊऊओ..

हीईीईईईई मैने उसको ज़मीन पर लिटाया और उसकी टाँगो को उसके मम्मो से

चिपका दिया और फूरा लंड पेल दिया.... हाई जाअलिमम्म फार दीईइ...... अरे

ज्योत्ीई कोई तो आअऊओ बचऊऊओ ....... ऐसे चिल्ला चिल्ला के चुदवा रही थी

और मेरा लंड तो आज दुगना मोटा और लंबा हो गया था यह सोच कर कि मेरे

ख्वाबों की मालिका मेरी इक्लोति प्यारी साली ज्योति मेरे से चुदवाने को

तय्यार हो गई है. इसी जोश मैं और जोरो से उसकी चूत मे अपना लंड पेल रहा

था जोकि उसकी चूत की आख़िरी गहराई तक जाकर उसकी बच्चे दानी को धकेल रहा

था... हाई मेरे राजा ऐसा कब तक चोदोगे,,,,, तुम तो अपने मुन्ना को मेरी

मुनिया के मूह मई घुसाए रहूऊओ हिी ऐसे पेलते फार्टे रहूऊ.... मैने थोड़ी

स्पीड बरा दी त्ीी.. जिससे उसकी नंगी पीठ मार्वल के फर्श पर चिपक कर और

उसकी चूत से बहते हुए पानी के कारण पीचर.. पीचर की आवाज़े कर रही थी ऐसी

ही आवाज़ उसकी चूत से पुच्छ फुक्कक फ़चा फूच की आ रही थी.... मुझे बहुत

मज़ा आ रहा था. मेरी वाइफ की चूत मे ना जाने क्या जादू है कि वो बच्चो को

जनम देने के बाद और मेरे से 9 सालो से रोज चुदवाने के बाद भी ढीली नही

हुई थी वो मेनटेन किए हुए थी... मैं इसका राज उससे कई बार पूछ चुका था.

वो हर बार यह कह कर टाल देती " मेरी चूत जब तक टाइट रहेगी तुम मेरे

कब्ज़े मे रहोगे जानुउऊ' मैं तुमको रोज रात को किसी कुँवारी चूत जैसा ही

मज़ा दूँगी' और वो अपनी बात पर क़ायम थी. उसकी चूत पर मैंटेन जेनटन रहती

थी जैसी मुझे पसंद होती थी बिल्कुल वैसे ही मेनटेन कर के रखती थी और चूत

को रोज "गुलाब जल" से ज़रूर धोती थी जिससे उसकी खूबसूरती बनी रहे और उसमे

से प्यार की खुसबू आती रहे. मैने अब अपनी स्पीड बढ़ा दी थी और वो भी नीचे

से अपनी गांद उछाल उछाल कर चुदवा रही थी.. हा राजा और जोरो से..... थोरी

और ताक़त लगाओ शाबशह आईसीए शीयी और जोरो से.... बहुत मज़ा आरहा

हाईईइ..... अरे इस लंड को पर्दे मे रखना यदि किसी को पता लग गया तो वो

तुमसे चुदवाये बिना नही रह सकेगी..... अरे राजा इसके बारे मे तो ज्योति

को तो बिल्कुल मत बताना...... हाअ आजज्ज कल तुम दोनो का बहुत नैन-मटकका

चल रहा हाईईईई.... और तो और उसको फोन पर मेरी चुदाई की बाते -आवाज़े भी

सुना दी जा रही है ले......... ले और्र ले मेरी चूत से तो फ्री हो ले फिर

किसी और की चूत देखना अब चोदो जोरो से फाडो मेरी चूत्त्त.... बहुत बात

करता है चुदाई कम करता है साले लंड मे दम नही बचा क्या..... मेरी चूत तो

चोद नही पाया तरीके से ज्योति की चूत चोदने की इच्छा रखता है

चोद्द्द्द.... कैसी यह मुनिया काली कलूटी कुलबुला रही हाईईइ और चूद. मैने

उसको बोला "मुझे ज्योति की चूत दिलाओगी तो चोदुन्गा नही तो मैं निकाल रहा

हू....." "अरे शीयी जालिमम्म सीयी ऐसा ना करो चोदो मुझी मैं तुमको उसकी

कुवारि चूत के साथ एक चूत गिफ्ट मे दून्गी''' चोद्ते रहो आज तो रात

भर.... उसके इतना कहते ही मैने अपनी स्पीड तूफ़ानी कर दी. मैं अपना पूरा

लंड बाहर खीच कर पूरा का पूरा एक बार मैं पेल रहा था. जैसे ही मेरा मुना

अपनी प्यारी काली कलूटी मुनिया के अंदर जड़ तक पहुचता तो मेरी बीबी जोरो

से चिल्लाती शीयी सीईईईईईईई मर गई जालीम..... वो फिर से आंट-सॅंट बकने

लगी थी और झरने के करीब थी यहा मेरी भी इच्छा झरने की हो रही थी..... सो

मैने अपनी स्पीड और तेज़ कर दी इस पर वो बहुत जोरो से झार गई और मेरे

नीचे शीतिल पड़ गई इधर मैं भी झरना चाहता था और हम दोनो के बदन पसीने मैं

भीगे हुए थी. मैने अपनी स्पीड कम नही की उसकी कमर थामी और भका भक धक्के

मारता रहा. उसकी चूत मे जड़ तक लॉडा घुसा कर झर गया. मेरे फव्वारे से वो

शीयी हुछ हुछ कर रही थी...... ..... मैं थक कर निढाल होकर अपने मुन्ना को

उसकी काली कलूटी मुनिया के मूह मे घुसाए हुए उसके उप्पर पड़ा रहा वो मेरे

बालो मे अपनी उंगलिया फिरा रही थी मैं उसकी गर्दन मे चुम्मि ले रहा था और

दोनो अपनी साँसे सम्हालने मे लगे हुए थे.. साँस थमी तो मैने दीवार घड़ी

पर नज़र डाली सुबह के 3 बज रहे थे. साँस तो नॉर्मल हो गई थी पर मेरा लंड

अभी भी कुछ कड़ा पन लिए उसकी चूत मे आराम कर रहा था.. मैं अपने लंड को

उसकी चूत मे चला रहा था. वो बोली " अब क्या इरादा है... अब नही मैं बहुत

थक चुकी हू तुम्हारा लंड तो ठंडा होने के बाद भी मेरी चूत भरे हुए है..."

मैने उसको गाल पर किस किया और कहा " मेरी स्वीट स्वीट डार्लिंग अभी

तुम्हारी चूत का अभिषेक बाकी है'. मुझे चुदाई के बाद पेशाब लगती है और

मुझे चूत के अंदर पेशाब करने मे मज़ा भी बहुत आता है तो मैने थोड़ा सा

लंड बाहर खीचा और पेशाब करने लगा. मेरे पेशाब की धार बहुत गरम लगती है

उसको.. इससे वो "आहह यह क्या कर दिया... मेरी मुनिया तुम्हारे पानी से

भरी हुई थी और तुमने अब मुझे पेट तक भर दिया.... हाई बहुत गुदगुदी होती

है इसमे..... उसकी चूत से मेरा पेशाब और मेरा लावा बाहर निकलकर बहने

लगा.. मैने जैसे ही अपना लंड बाहर खीचा तो उसकी चूत से फव्वारा निकल

पड़ा... उसने बड़ी राहत महसूस करी. मेरे से चुदवाने के बाद उसकी हालत

बहुत खराब हो जाती है और उसमे उठने की हिम्मत नही होती सो मैने उसको अपनी

बाहो मे उठाया और बाथरूम ले गया . उसको फर्स पर लिटा दिया और बाथ टब को

गरम पानी से भरने लगा. मैने कहा "अभी तुम पेशाब मत करना..." वाइफ बोली "

आ मेरे राजा मुझे पता है तुमको पेशाब करती हुई चूत मे नहाना और देखना अछा

लगता है" ' पर तुम जल्दी आओ मुझे जोरो से पेशाब आ रही है" मेरी थेल्ली

भरी हुई है' मैने कहा दो मिनिट मैं फर्श सॉफ कर के आता हू. मैने फटाफट

फर्श सॉफ किया और बाथ रूम मे स्टूल लेकर पहुचा. उसको स्टूल पर बैठा दिया

और खुद उसकी चूत के ठीक सामने बैठ गया . जैसे ही मैने उसकी टांगे फैलाकर

उससे कहा "मूत" उसकी काली कलूटी चूत से बहुत तेज और गरमा गर्म धार निकल

कर मेरी छाती से टकराने लगी. मैं उसकी पेशाब की खुसबू का दीवाना था. मेरी

वाइफ मेरे से कहने लगी" जनम तुमको घिन नही लगती तुम मेरी पेशाब मैं नहाते

हो और मेरी पेशाब करी हुई चूत को चूमते और चाटते हो" 'यही तो प्रेम रस है

जो शादी के 9 साल बाद भी हम दोनो पति पत्नी की जगह प्रेमी प्रेमिका बनकर

रहते है" मैने कहा मैने पूछा " अछा तुम बताओ तुमको क्या मेरी पेशाब पसंद

नही है". " बहुत पसंद है जानू" वो बोली.... तब भर चुका था मैने उसको पानी

से भिगोया और उसके शरीर पर साबुन लगाया और उसके शरीर की अछी तरह से मालिश

करी और हम दोनो टब मे उतर गये. नहाकर बाहर आए तो वो बहुत फ्रेश दिख रही

थी मैने कहा " कहो जानू कैसा लग रहा है...". "4 बजने को है सुबह के और

तुम पूछ रहे हो कैसा लग रहा है, अरे मैं तो तुमको जिंदगी भर क्या हर जनम

मे पाना चाहूँगी" फिर हम दोनो ने बादाम, काजू किस्मिस और राबड़ी खाकर

सोने बेड पर आ गये.". सुबह हम दोनो छुट्टी होने की वजह से 11-12 बजे उठे

थे... मैं फिर से चार्ज हो गया था क्योंकि आज ज्योति से मुलाकात होने

वाली थी. सुबह फेश होकर, स्नान कर के पूजा पाठ किया एवं अपनी पेट पूजा का

इंतेज़ार करने लगा. हर समय ना जाने मुझे किस चीज़ का इंतेज़ार था. जिसको

मेरी वाइफ ने भाँप लिया था. वो मुझे चीरते हुए बोली " क्या जानू बड़े

बैचैन दिख रहे हो" " नही कुछ नही, बस ऐसे ही तुम्हारा इंतेज़ार कर रहा था

कब तुम आओ और मेरी पेट पूजा हो" मैने हड़बड़ाते हुए कहा मैं उससे अपनी

नज़रे बचाने और अपनी बैचैनी छिपाने की नाकाम कोशिश कर रहा था इसको छिपाने

के लिए मैने टीवी ओन कर लिया. थोड़ी ही देर बाद वो खाना ले कर आ गई. हम

दोनो ने खाना खाया. और रात को हुई चुदाई के बारे मे चर्चा करी. वो कह रही

थी "मेरी मुनिया मे दर्द हो रहा है और मुझे चलने मे तक़लीफ़ हो रही है" "

जान थोड़ा आराम कर्लो और हो सके तो बर्फ से सिकाई कर लो" मैने सजेशन देते

हुए कहा. मैं अब बाहर निकालने को बैचैन था फटाफट तय्यार हुआ और बाहर निकल

गया . मैने अपनी बाइक निकाली और ज्योति के घर के आस पास 2-3 चक्कर लगा

डाले. उसके मोहल्ले मे मेरे बहुत सारे जान पहचान के लोग रहते थे उसी

मोहल्ले मे मेरी ससुराल भी है. इसलिए किसी ने मेरी हरकत को और मेरे यूँ

चक्कर लगाने को ध्यान से नही देखा. मैं ज्योति के दर्शन को तड़प रहा था.

मैने दिसाइड किया कि ज्योति के घर के बगल मे मेरे परिचित की दूध के डेरी

है वाहा बैठूँगा वाहा से ज्योति के घर का बागीचा भी दिखता है. आज मैं

बड़ी बेसब्री से ज्योति के बगीचे की तरफ बार बार देख रहा था. ज्योति के

घर मे कबाड़ी का काम होता था आज कुछ भी हलचल नही दीख रही थी. इसी

इंतिज़ार मे 2 घंटे निकल गये. मैने सोचा चलो ज्योति को फोन किया जाए.

मैने अपना सेल बाहर निकाला ही था कि मेरी मुराद पूरी होने की घंटी बज ही

गई और ज्योति का फोन आ गया . क्रमशः.........